Bihar Viral Video: मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र स्थित उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक (10+2) विद्यालय के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगीं। मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने अब स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि वायरल वीडियो 22 सितंबर 2026 का है और इसमें स्कूल के बाहर छात्रों के बीच हुई बहस और विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। पुलिस के अनुसार, इस दौरान किसी तरह की छेड़खानी या अन्य अप्रिय घटना नहीं हुई है।


पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में इन दिनों अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही थी। 22 सितंबर को प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान स्कूल के बाहर एक युवक मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था। कुछ छात्रों को संदेह हुआ कि वह किसी छात्रा से मिलने के लिए वहां आया है। इसी बात को लेकर स्कूल के कुछ नाबालिग छात्रों ने युवक से पूछताछ शुरू कर दी।देखते ही देखते मौके पर अन्य छात्र-छात्राएं भी जमा हो गए। इस दौरान छात्रों के बीच बहस होने लगी और कुछ देर के लिए वहां विवाद जैसी स्थिति बन गई। 


इसी बीच मामले की जानकारी विद्यालय के शिक्षकों को मिली। शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद सभी को वहां से अपने-अपने घर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। 


पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर जिस तरह की चर्चाएं की जा रही हैं, वह पूरी घटना की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस विवाद के दौरान किसी छात्रा के साथ छेड़खानी या किसी अन्य प्रकार की आपत्तिजनक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी नाबालिग बच्चों की पहचान कर ली गई है। उनके परिजनों को नोटिस भेजा गया है। नाबालिगों से जुड़े मामले में किशोर न्याय अधिनियम यानी जे.जे. एक्ट के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


वहीं, पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो को गलत संदर्भ में प्रसारित करने वालों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से सामान्य विवाद के वीडियो को गलत रंग देकर सनसनी फैलाने और लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की ओर से जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाने की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले किसी भी वीडियो या खबर को बिना पूरी जानकारी और सत्यता की पुष्टि किए आगे शेयर न करें। खासकर नाबालिगों से जुड़े संवेदनशील मामलों में अधूरी जानकारी के आधार पर किसी तरह की अफवाह फैलाने से बचने की सलाह दी गई है।