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Land For Job Scam : लैंड फॉर जॉब केस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में आज अहम सुनवाई, लालू-राबड़ी हो सकते हैं पेश

लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की पेशी संभव, 9 मार्च से डे-टू-डे ट्रायल।

Land For Job Scam : लैंड फॉर जॉब केस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में आज अहम सुनवाई, लालू-राबड़ी हो सकते हैं पेश

25-Feb-2026 08:33 AM

By First Bihar

Land For Job Scam : लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मामले में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई हो सकती है। इस बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के अदालत में पेश होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों नेता बीते दिन ही दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, लालू यादव दिल्ली प्रवास के दौरान अपना रूटीन हेल्थ चेकअप भी कराएंगे।


कोर्ट ने इससे पहले लालू परिवार को 25 फरवरी तक सशरीर पेश होने का निर्देश दिया था। इस मामले में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव पूर्व में अदालत में पेश हो चुके हैं। अब माना जा रहा है कि आज की सुनवाई में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण बहस हो सकती है। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि 9 मार्च से इस मामले में डे-टू-डे ट्रायल शुरू किया जाएगा, जिससे साफ है कि न्यायिक प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है।


इससे पहले 16 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे थे। उस दिन उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि वे ट्रायल का सामना करेंगे और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वहीं राबड़ी देवी ने भी स्पष्ट किया था कि वे कानूनी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगी।


मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 29 जनवरी की सुनवाई के दौरान स्पेशल जज विशाल गोगने ने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणियां की थीं। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सरकारी नौकरियों के बदले जमीन या संपत्ति लेने की व्यापक साजिश रची गई। कोर्ट की टिप्पणी में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपों के अनुसार सरकारी नौकरी को कथित रूप से सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर परिवार के नाम अचल संपत्तियां अर्जित की गईं।


अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर चार्जशीट और प्रस्तुत दलीलों का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसे पर्याप्त दस्तावेज और तथ्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर आरोप तय करने और ट्रायल चलाने की आवश्यकता बनती है। कोर्ट के अनुसार मामला केवल अनियमित नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जमीन के ट्रांसफर, कीमतों में कथित अनियमितता, परिवार और करीबियों के नाम संपत्ति हस्तांतरण तथा उनसे जुड़े कारोबारी लेन-देन की भी गहन जांच जरूरी है।


हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं माना जाएगा। बचाव पक्ष को ट्रायल के दौरान CBI द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों को चुनौती देने का पूरा अवसर दिया जाएगा। अदालत ने अभियोजन स्वीकृति से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी CBI को प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।


यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक प्रमुख राजनीतिक परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं। आगामी दिनों में डे-टू-डे सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और कानूनी दलीलों पर विस्तृत बहस होगी। फिलहाल आज की सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे यह तय होगा कि आरोप औपचारिक रूप से किस आधार पर निर्धारित किए जाएंगे और ट्रायल किस दिशा में आगे बढ़ेगा।