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04-Dec-2025 10:35 AM
By First Bihar
Land for Job case : लैंड फॉर जॉब मामले में आज का दिन काफी अहम माना जा रहा था, लेकिन कोर्ट की कार्यवाही के दौरान बड़ा अपडेट सामने आया। रायूज एवेन्यू कोर्ट में आज जिन आरोपों को तय किया जाना था, उसे टाल दिया गया है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को तय की गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को फिलहाल थोड़ी राहत मिल गई है।
लैंड फॉर जॉब (जॉब के बदले जमीन) मामला UPA सरकार के दौरान रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल से जुड़ा है। CBI का आरोप है कि जिस दौरान लालू यादव रेल मंत्री थे, उस समय कई लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले उनसे या उनके परिवार के सदस्यों से जमीन बेहद कम कीमत पर खरीदी गई। CBI के अनुसार, यह जमीन सौदे बाजार मूल्य से कई गुना कम दर पर हुए थे।इस पूरे केस में लालू यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पुत्र और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
CBI की विशेष अदालत में बुधवार को इस मामले में आरोप तय करने की सुनवाई होनी थी। लेकिन तकनीकी कारणों और बचाव पक्ष की कुछ दलीलों के चलते अदालत ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अदालत ने अगली तारीख 8 दिसंबर 2025 निर्धारित की है, जिस दिन आरोप तय किए जा सकते हैं।
कोर्ट का यह निर्णय लालू परिवार के लिए फिलहाल एक राहत भरा कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरोप तय होने में देरी से RJD की ओर से राजनीतिक दबाव थोड़ा कम हुआ है और पार्टी को रणनीति बनाने का अवसर मिलेगा।
अब सबकी निगाहें 8 दिसंबर पर टिकी हैं। उस दिन कोर्ट यह तय करेगी कि CBI द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुकदमा चलेगा या नहीं। अगर आरोप तय होते हैं, तो लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ ट्रायल औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।