Lalu Yadav : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav एक बार फिर अपने स्वास्थ्य जांच को लेकर सिंगापुर रवाना हो रहे हैं। यह दौरा पूरी तरह उनके पोस्ट किडनी ट्रांसप्लांट रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए तय किया गया है। दिल्ली की अदालत से विदेश यात्रा की अनुमति मिलने के बाद उनके सिंगापुर जाने का रास्ता साफ हो गया। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लालू यादव की यह यात्रा बिहार की राजनीति में भी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।


दरअसल, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टरों ने लालू यादव को हर तीन महीने पर नियमित मेडिकल चेकअप कराने की सलाह दी थी। लेकिन पिछले करीब एक साल से उनका रूटीन हेल्थ चेकअप नहीं हो सका था। अब डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दोबारा सिंगापुर ले जाया जा रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी विस्तृत मेडिकल जांच करेंगे। साथ ही आगे के इलाज और स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर भी परामर्श दिया जाएगा।


दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने अपने पिता की सेहत को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और डॉक्टरों ने समय-समय पर जांच कराने की सलाह दी थी। हालांकि, व्यस्तताओं और अन्य कारणों की वजह से नियमित जांच नहीं हो पाई। इसी कारण अब उन्हें सिंगापुर ले जाया जा रहा है ताकि विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर सकें।


तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि लालू यादव की आंख का ऑपरेशन भी हो चुका है, लेकिन अब भी उन्हें आंखों से जुड़ी कुछ परेशानियां बनी हुई हैं। ऐसे में इस बार उनकी आंखों की भी विशेष जांच कराई जाएगी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण होगा ताकि किसी भी संभावित परेशानी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।


लालू यादव लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझते रहे हैं। किडनी की समस्या के कारण उनका ट्रांसप्लांट कराया गया था, जिसके बाद से उनकी सेहत में सुधार जरूर हुआ, लेकिन उम्र और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत पड़ती रही है। परिवार के सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।


लालू यादव के सिंगापुर रवाना होने की खबर सामने आते ही आरजेडी समर्थकों और कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। बिहार की राजनीति में लालू यादव आज भी एक प्रभावशाली और बड़ा चेहरा माने जाते हैं। ऐसे में उनकी तबीयत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर देती है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव भले ही सक्रिय राजनीति में पहले की तरह दिखाई नहीं देते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी अब भी राष्ट्रीय जनता दल के लिए बेहद अहम है। पार्टी के कई बड़े फैसलों में उनकी राय महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी नेताओं और समर्थकों की चिंता लगातार बनी रहती है। अब सभी की निगाहें लालू यादव की मेडिकल रिपोर्ट और सिंगापुर से आने वाले स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं। समर्थकों को उम्मीद है कि जांच के बाद उनकी सेहत में सुधार होगा और वे जल्द स्वस्थ होकर वापस भारत लौटेंगे।