पटना स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह की गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं। एक तरफ मोकामा विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के घोषित उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मैदान में हैं और जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में सक्रिय नजर आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ ललन सिंह अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय बताए जा रहे हैं।यही वजह है कि पटना स्नातक सीट के चुनावी माहौल में ललन सिंह के कार्यक्रमों और उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।


अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

पटना स्नातक सीट से जेडीयू ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को एक बार फिर अपना उम्मीदवार बनाया है। लेकिन पार्टी के भीतर से ही उन्हें खुली चुनौती मिल रही है। मोकामा विधायक अनंत सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। अनंत सिंह अब खुलकर जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में उतर चुके हैं। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी अनंत सिंह मौजूद रहे। उनके समर्थकों की भीड़ और नारेबाजी ने इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। इस दौरान समर्थकों ने जमकर - ललन बाबू जिंदाबाद के नारे लगाए हैं। 


इससे पहले अनंत सिंह के आवास पर अनुज सिंह के नामांकन के लिए बड़ी संख्या में रसगुल्ले तैयार किए जाने की बात भी सामने आई थी। इससे संकेत मिला कि अनंत सिंह का समर्थन सिर्फ बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसे चुनावी मैदान में भी दिखाना चाहते हैं।


इसी बीच ललन सिंह के कार्यक्रम क्यों चर्चा में?

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद के बीच अब ललन सिंह के कार्यक्रमों पर भी राजनीतिक नजरें टिक गई हैं। ललन सिंह फिलहाल अपने लोकसभा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। ललन सिंह और अनंत सिंह के बीच लंबे समय से राजनीतिक नजदीकी की चर्चा होती रही है। ऐसे में जब अनंत सिंह पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खुलकर मैदान में उतर चुके हैं, उसी समय ललन सिंह की अपने क्षेत्र में सक्रियता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, ललन सिंह के मौजूदा कार्यक्रमों को पटना स्नातक एमएलसी चुनाव से सीधे जोड़ने का फिलहाल कोई आधिकारिक आधार सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी गतिविधियों को किसी खास चुनावी रणनीति का हिस्सा मानना अभी जल्दबाजी होगी।


पहले भी विवाद पर सफाई दे चुके हैं ललन सिंह

जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद पर ललन सिंह पहले भी सीधे तौर पर टिप्पणी करने से बचते रहे हैं। उन्होंने पार्टी में किसी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कहा था कि जेडीयू में आंतरिक लोकतंत्र है और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय है। पटना में जेडीयू के एक कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। उस समय ललन सिंह की ओर से सफाई दी गई थी कि वह पहले से तय कार्यक्रम के तहत गुजरात में थे। अब एक बार फिर पटना स्नातक सीट पर चुनावी गतिविधियां तेज हैं और इसी दौरान ललन सिंह अपने क्षेत्र में कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक गतिविधि पर सबकी नजर बनी हुई है।


अनंत सिंह के रुख से जेडीयू की बढ़ी चुनौती

दूसरी ओर, अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख कायम रखे हुए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से मामले को संभालने की कोशिशों और बैठकों के बावजूद फिलहाल उनके रुख में बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में जेडीयू के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ पार्टी के घोषित उम्मीदवार नीरज कुमार के लिए चुनावी मैदान में मजबूती से उतरना है, वहीं दूसरी तरफ अपने ही विधायक के खुले विरोध को लेकर पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखना है।


अब नजर ललन सिंह के अगले कदम पर

पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में फिलहाल तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार, उनके खिलाफ खुलकर खड़े अनंत सिंह और ललन सिंह। ललन सिंह की मौजूदा क्षेत्रीय सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन उन्होंने इस चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर कोई ऐसा सार्वजनिक बयान नहीं दिया है जिससे किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। पटना स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है। ऐसे में आने वाले दिनों में अनंत सिंह के रुख और ललन सिंह की गतिविधियां इस चुनाव की राजनीतिक तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती हैं।

फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह जब जेडीयू प्रत्याशी के खिलाफ खुलकर मैदान में हैं, उसी दौरान ललन सिंह अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं, तो क्या आने वाले दिनों में वह पटना स्नातक चुनाव को लेकर कोई स्पष्ट रुख सामने रखेंगे? इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है, लेकिन चुनावी माहौल में ललन सिंह की गतिविधियां जरूर चर्चा का विषय बन गई हैं।