Bihar News : पटना से पूर्णिया की ओर जा रही कोसी एक्सप्रेस (18626 डाउन) शुक्रवार की रात एक संभावित बड़े हादसे से बाल-बाल बच गई। मधेपुरा-पूरनिया रेलखंड के बीच बुधमा स्टेशन पार करने के दौरान ट्रेन की एक बोगी में तकनीकी खराबी के कारण धुआं और चिंगारी निकलने लगी, जिससे यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।


जानकारी के अनुसार, ट्रेन जैसे ही बुधमा स्टेशन को पार कर आगे बढ़ी, तभी स्लीपर कोच S5 के नीचे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में यात्रियों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं बढ़कर चिंगारी और हल्की आग की शक्ल लेने लगा। यह दृश्य देखते ही कोच में बैठे यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। कई यात्रियों ने घबराकर चेन पुलिंग करने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग डर के मारे ट्रेन से नीचे उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधमा स्टेशन के स्टेशन मास्टर को तत्काल सूचना दी गई। उन्होंने फौरन कार्रवाई करते हुए ट्रेन को रुकवाया। ट्रेन के रुकते ही रेल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से प्रभावित बोगी की जांच शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद समस्या की पहचान कर उसे दूर किया गया।


रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना आग लगने की नहीं थी, बल्कि ब्रेक सिस्टम में “ब्रेक बाइंडिंग” (Brake Binding) की समस्या के कारण हुई थी। इस तकनीकी खराबी में ब्रेक जाम हो जाते हैं, जिससे पहियों और ब्रेक शू के बीच अत्यधिक घर्षण पैदा होता है। इसी घर्षण के कारण धुआं और चिंगारी निकलने लगती है, जो कई बार आग जैसी स्थिति पैदा कर देती है।


अधिकारियों ने बताया कि समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। तकनीकी टीम ने मौके पर ही ब्रेक सिस्टम को दुरुस्त किया, जिसके बाद ट्रेन को फिर से रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन कुछ समय के लिए बुधमा और दिनापट्टी स्टेशनों के बीच खड़ी रही।


घटना के दौरान रात का समय होने के बावजूद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। कई लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में ट्रेन के नीचे से धुआं उठता और यात्रियों की अफरातफरी साफ देखी जा सकती है।


हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। लेकिन अचानक हुए इस घटनाक्रम ने यात्रियों को काफी देर तक भयभीत कर दिया। ट्रेन के रुकने के दौरान यात्री असमंजस की स्थिति में रहे और सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठाते नजर आए।


रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ट्रेनों की तकनीकी जांच और अधिक सख्ती से की जाएगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।