Bihar News : बिहार में कोचिंग की दुनिया के दो चर्चित चेहरों खान सर और ज्ञान बिंदू के संचालक रौशन आनंद के बीच हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कुछ महीने पहले शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ दो कोचिंग संस्थानों की लड़ाई तक सीमित नहीं रह गया है। गोलीकांड, पुलिसिया कार्रवाई, गिरफ्तारी, जेल और नेपाल में रौशन आनंद के छोटे भाई की रहस्यमयी मौत ने इस पूरे मामले को और भी उलझा दिया है। अब लंबे समय बाद रौशन आनंद ने एक इंटरव्यू में इस विवाद को लेकर कई ऐसे दावे किए हैं, जिनसे बिहार की शिक्षा और राजनीतिक गलियारों में फिर हलचल मच सकती है।

रौशन आनंद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाते हुए यहां तक दावा किया है कि उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि खान सर उन्हें भी मरवा सकते हैं। इतना ही नहीं, इस बातचीत के दौरान उन्होंने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का जिक्र करते हुए उनकी एक चर्चित बात भी दोहराई। रौशन आनंद के बयान के बाद एक बार फिर दोनों शिक्षकों के बीच पुराना विवाद चर्चा में आ गया है।

दरअसल, 'द लल्लनटॉप' को दिए इंटरव्यू में रौशन आनंद से पूछा गया कि क्या वह अपनी सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका शौक नहीं, बल्कि मजबूरी है। रौशन आनंद ने दावा किया कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उनके मुताबिक, सामने वाला व्यक्ति अपने बचाव के लिए कुछ भी कर सकता है और अगर उसे लगे कि उनकी जान लेने से वह सुरक्षित रह सकता है तो वह ऐसा भी करवा सकता है।

रौशन आनंद ने इंटरव्यू में कहा कि वह खान सर को बेहद धूर्त मानते हैं और उनके व्यवहार को लेकर उन्हें गंभीर आशंका है। उन्होंने साफ कहा कि सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड रखना उनकी मजबूरी बन गई है। हालांकि, ये सभी आरोप रौशन आनंद के अपने दावे हैं। इस इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2 जून के गोलीकांड को लेकर उठाए सवाल, बोले- सरकारी बॉडीगार्ड के लिए रची गई थी साजिश!

इस पूरे विवाद की जड़ 2 जून को हुई वह घटना है, जिसने पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच तनाव को सार्वजनिक कर दिया था। खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के पास गोलीबारी और पत्थरबाजी की घटना हुई थी। उस समय खान सर की ओर से ज्ञान बिंदू के संचालक रौशन आनंद पर गोली चलवाने का आरोप लगाया गया था। मामला पुलिस तक पहुंचा और देखते ही देखते विवाद ने बड़ा रूप ले लिया।

अब रौशन आनंद ने इस घटना की जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका दावा है कि 2 जून को हुई गोलीबारी के मामले में सच्चाई सामने नहीं लाई गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने छह से सात राउंड फायरिंग होते देखी थी। रौशन आनंद का आरोप है कि अगर इस घटना की सही तरीके से जांच की जाए तो पता चल सकता है कि यह पूरा गोलीकांड सरकारी बॉडीगार्ड हासिल करने के लिए कराया गया था।

उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। रौशन आनंद के मुताबिक, 2 जून की रात उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई और 3 जून की सुबह करीब चार बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनका सवाल है कि बिना उचित जांच के उन्हें इतनी जल्दी कैसे गिरफ्तार कर लिया गया?

लड़कियों के शोषण के आरोपों पर भी उठाया सवाल

इंटरव्यू के दौरान रौशन आनंद ने खान सर के शुरुआती शिक्षण करियर से जुड़े कथित आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इतनी तेजी से कार्रवाई की और उन्हें जेल भेज दिया, तो दूसरे व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच क्यों नहीं हुई?

रौशन आनंद ने दावा किया कि खान सर के खिलाफ लड़कियों के शोषण को लेकर आरोप लगाए गए थे और थाने में शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी सामने क्यों नहीं आई? उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल सभी के लिए एक समान होना चाहिए। हालांकि, इंटरव्यू में लगाए गए इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खान सर की ओर से पहले रौशन आनंद के आरोपों को बेबुनियाद बताया जा चुका है।

भाई की मौत का जिक्र कर भावुक हुए रौशन आनंद

इस पूरे इंटरव्यू का सबसे भावुक हिस्सा वह रहा, जब रौशन आनंद ने अपने छोटे भाई प्रिंस की मौत का जिक्र किया। विवाद के बीच नेपाल में प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने रौशन आनंद के परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया था।

भाई की मौत को याद करते हुए रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें उस इंसान से नफरत है, जिसने उनसे उनका भाई छीन लिया। उन्होंने कहा कि वह उस व्यक्ति का नाम तक नहीं लेना चाहते। रौशन आनंद का दावा है कि साल 2019 से ही एक व्यक्ति उनके भाई को उनसे अलग करना चाहता था। उनका कहना है कि उनका भाई हमेशा उनके साथ सुरक्षा कवच की तरह खड़ा रहता था और लंबे समय से उसके पीछे पड़ा गया था।

रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि साल 2019 में शुरू हुई यह कोशिश 2026 में सफल हो गई। हालांकि, उनके भाई की मौत के मामले में किसी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और आधिकारिक साक्ष्यों से ही हो सकती है।

अनंत सिंह का नाम लेकर दोहराई यह बात

इंटरव्यू के दौरान रौशन आनंद ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह कोई अपराधी थे, जो पुलिस सुबह चार बजे उनके घर पहुंच गई और उन्हें उठाकर ले गई? उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस के सहयोग से हुआ और उन्हें अपनी बात कहने में कोई डर नहीं है।

इसके बाद उन्होंने अनंत सिंह की चर्चित बात दोहराते हुए कहा, 'ना जीने की खुशी, ना मरने का गम।' रौशन आनंद ने कहा कि अब उनकी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही हो गई है। न उन्हें जीने की खुशी है और न मरने का गम। उनका यह बयान बताता है कि भाई की मौत और जेल जाने की घटना ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से कितना प्रभावित किया है।

सीसीटीवी जांच में सामने आया था बॉडीगार्ड का नाम

गौरतलब है कि 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के पास गोलीबारी और पत्थरबाजी के बाद खान सर ने रौशन आनंद पर आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में गोलीबारी के मामले में खान सर के बॉडीगार्ड की भूमिका सामने आई थी। पुलिस ने बॉडीगार्ड को भी गिरफ्तार किया था।

इसी बीच रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने खान सर पर अपने भाई की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। दूसरी तरफ खान सर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया था।

अब रौशन आनंद के ताजा इंटरव्यू ने इस पुराने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक तरफ वह अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई और भाई की मौत को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस पूरे विवाद की सच्चाई क्या है और क्या कभी सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के जरिए तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी?