Bihar News : पटना में चर्चित कोचिंग संचालक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच के बीच सामने आए एक नए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है। वीडियो के सामने आने के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि पुलिस सभी तथ्यों की जांच में जुटी हुई है।
मामला उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें हाल ही में खान सर की कोचिंग संस्थान पर पथराव और हंगामे की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और जांच शुरू की। अब एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पोस्टर फाड़े जाने से हुई थी।
वायरल वीडियो कथित तौर पर 31 मई की रात का बताया जा रहा है। फुटेज में एक व्यक्ति सम्मान समारोह से जुड़े एक पोस्टर को हटाते या फाड़ते हुए दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह पोस्टर ज्ञान बिंदु कोचिंग के कार्यक्रम से संबंधित था और जिस व्यक्ति को वीडियो में देखा जा रहा है, वह खान सर की कोचिंग से जुड़ा कर्मचारी है। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पोस्टर हटाने की घटना के बाद दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि इसी विवाद ने बाद में बड़े टकराव का रूप ले लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध वीडियो, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इस पूरे विवाद में एक और वीडियो पहले ही चर्चा का विषय बन चुका है। कुछ दिन पहले वायरल हुए फुटेज में दो लोग हथियार के साथ दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खान सर की सुरक्षा में तैनात दो गार्डों को पूछताछ के लिए बुलाया था। अधिकारियों ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार को भी जब्त कर लिया। हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका इस्तेमाल किसी घटना में हुआ था या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में खान सर से भी बातचीत की है और उनसे घटना से जुड़े कई सवाल पूछे हैं। पूरा मामला कदमकुआं थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है, जहां पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
इधर, रौशन आनंद के समर्थन में छात्रों का आंदोलन भी तेज हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि रौशन आनंद को गलत तरीके से फंसाया गया है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हाल के दिनों में मुसल्लहपुर हाट इलाके में सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने रौशन आनंद को निर्दोष बताते हुए उन्हें जल्द रिहा करने की मांग उठाई।
वहीं दूसरी ओर, कुछ छात्र संगठनों ने खान सर की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के समर्थन में नारे लगाए गए, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई है।
कुल मिलाकर, नए सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद यह मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि विवाद की असली शुरुआत कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। तब तक सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार रहेगा।