Khan sir case : पटना में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना की जांच अब कई राज्यों तक पहुंच गई है। पुलिस इस मामले में हर पहलू की गहन जांच कर रही है। इसी क्रम में फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों के पास से जब्त की गई एनपीबी .315 बोर राइफल को लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।


सूत्रों के अनुसार, पटना पुलिस ने नोएडा स्थित सुरक्षा एजेंसी APS (एपीएस) को नोटिस जारी किया है। एजेंसी से दोनों गार्डों के हथियारों और उनके लाइसेंस से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया, उनके लाइसेंस वैध हैं या नहीं और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।


जांच एजेंसियों ने इस मामले में नोएडा पुलिस से भी संपर्क साधा है। पुलिस अधिकारियों ने दोनों सुरक्षा कर्मियों के हथियार लाइसेंस की सत्यता की जांच शुरू कर दी है। लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज नोएडा पुलिस को भेजे गए हैं ताकि यह पुष्टि की जा सके कि लाइसेंस वास्तविक हैं या किसी प्रकार की जालसाजी के जरिए जारी किए गए हैं।


इधर गिरफ्तार किए गए सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। पटना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बेवर थाना और कासगंज जिले के शेखपुरा थाना से संपर्क कर दोनों गार्डों के बारे में जानकारी जुटाई है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व गतिविधियों और सुरक्षा एजेंसी में नियुक्ति से संबंधित विवरण खंगाल रही है।


मामले की जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस को अब तक गोली चलने के बाद निकलने वाला खोखा बरामद नहीं हो पाया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार गार्ड ने दावा किया है कि फायरिंग के बाद खोखा किसी व्यक्ति ने उठा लिया था।


स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को बताया है कि घटना के तुरंत बाद जमीन पर पड़े खोखे को वहां से हटा दिया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि खोखा किसने उठाया और उसे कहां ले जाया गया। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर इसकी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।


खोखा बरामद नहीं होने से जांच प्रभावित हो सकती है, क्योंकि फॉरेंसिक जांच में ऐसे साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस का मानना है कि यदि खोखा मिल जाता है तो यह पुष्टि करने में मदद मिलेगी कि फायरिंग किस हथियार से की गई थी और घटना के समय वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं।


रविवार को भी पुलिस टीम घटनास्थल पर मौजूद रही और आसपास के लोगों से पूछताछ की। हालांकि कोल्ड स्टोरेज परिसर में संचालित सभी क्लास बंद रहने के कारण परिसर लगभग खाली रहा। इसके बावजूद जांच दल ने मौके का निरीक्षण कर कई तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।


फिलहाल पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित है, जिनमें हथियारों के लाइसेंस की वैधता, फायरिंग की परिस्थितियां, खोखे की बरामदगी और सुरक्षा एजेंसी की भूमिका शामिल है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर मामले में और खुलासे होने की संभावना है।