Bihar News: पटना में एक कोचिंग संचालक के खिलाफ उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं. युवती का कहना है कि वह कोचिंग संचालक से जुड़े कई राज जानती है, जिसकी वजह से उसे लंबे समय से परेशान किया जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है. मामले को लेकर युवती रविवार देर रात पीरबहोर थाने पहुंची और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई.
युवती ने पीरबहोर थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली है और वर्ष 2016 में पढ़ाई के लिए पटना आई थी. इसी दौरान वह संबंधित कोचिंग संचालक से पढ़ती थी. युवती का दावा है कि इसी दौरान उसे कोचिंग संचालक से जुड़ी कई निजी और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं.
वर्ष 2017 से परेशान करने का आरोप
युवती के मुताबिक, दिसंबर 2017 से उसे परेशान किया जा रहा है. उसका आरोप है कि कोचिंग संचालक ने उसे फोन कर अपनी निजी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बताने की चेतावनी दी थी. युवती का दावा है कि जानकारी सार्वजनिक करने पर उसे जान से मरवाने की धमकी भी दी गई.
युवती ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से इस वजह से परेशान है. अब उसे अपनी सुरक्षा को लेकर डर है, जिसके बाद उसने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है.
पुलिस पहले से कर रही थी युवती की तलाश
बताया जा रहा है कि इस मामले में शनिवार शाम एक व्यक्ति की ओर से पीरबहोर थाने में आवेदन दिया गया था. आवेदन की जांच के दौरान पुलिस को मामला कोचिंग संचालक और युवती से जुड़ा होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने युवती से संपर्क करने की कोशिश की.
पुलिस के अनुसार, युवती का मोबाइल नंबर बंद आ रहा था. उसने आवेदन में पटना के गांधी चौक का अस्थायी पता दिया था, लेकिन पता पूरा नहीं होने के कारण पुलिस को उसे तलाशने में परेशानी हो रही थी.
इसी बीच रविवार देर रात युवती खुद पीरबहोर थाने पहुंच गई और पुलिस के सामने अपनी बात रखी. इसके बाद पुलिस ने उसका बयान दर्ज करना शुरू किया.
दो साल पुरानी धमकी की बात
पीरबहोर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने बताया कि युवती का बयान लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि युवती की ओर से जिस धमकी की बात कही जा रही है, वह करीब दो वर्ष पुरानी बताई जा रही है. पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस युवती की शिकायत, उसके लगाए आरोपों और कोचिंग संचालक से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.