Bihar wedding firing : खगड़िया जिले के कुतुबपुर इलाके में शनिवार देर रात एक निकाह समारोह दिल दहला देने वाली घटना में बदल गया, जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली ने दूल्हे की जान ले ली। यह हादसा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुआ, जहां 28 वर्षीय मोहम्मद इरशाद की शादी रुखसार खातून से हो रही थी। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पूरा माहौल खुशियों से भरा हुआ था, लेकिन एक लापरवाही ने इस शादी को मातम में बदल दिया।


निकाह के बाद रस्मों के दौरान ट्रैजेडी

दूल्हे के बड़े भाई मोहम्मद शमशाद के अनुसार, रात करीब 10 बजे निकाह की रस्में पूरी हो चुकी थीं और दूल्हा-दुल्हन मंच पर बैठे थे। परिवार की ओर से रस्में निभाई जा रही थीं। इसी दौरान एक युवक अचानक मंच पर पहुंचा और दूल्हे के बगल वाली कुर्सी पर बैठ गया। पहले तो किसी ने उसे ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन इसके बाद उसने अचानक अपनी कमर से बंदूक निकाली।


मंच पर बैठी भीड़ एकदम सन्न रह गई। युवक ने एक फायर हवा में कर दिया। जोरदार धमाका सुनकर समारोह में अफरा-तफरी मच गई। लोग उसे रोकने लगे और किसी तरह हर्ष फायरिंग बंद करने को कहा गया। परिजनों के मुताबिक, पहली गोली के बाद भीड़ ने जैसे-तैसे उसे समझाने की कोशिश की और हथियार नीचे रखने को कहा, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी।


दूसरी गोली दूल्हे की गर्दन में लगी

इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, युवक ने बंदूक में दूसरी गोली भर ली और फिर से ट्रिगर दबा दिया। लेकिन इस बार गोली हवा में नहीं गई। सीधे दूल्हे इरशाद की गर्दन में लग गई। जैसे ही गोली लगी, इरशाद वहीं मंच पर लगे कालीन पर गिर पड़ा। उसके गले से तेजी से खून बहने लगा।दुल्हन रुखसार खातून भी उसी वक्त मंच पर बैठी थीं। हादसे के बाद उन्हें तुरंत वहां से हटाया गया। माहौल में चीख-पुकार मच गई। शादी की रौनक मातम में बदल गई और हर तरफ घबराहट फैल गई।


अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

परिजनों और रिश्तेदारों ने बिना समय गंवाए इरशाद को गाड़ी में डालकर शहर के बलुआही स्थित नेक्टर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति बेहद गंभीर बताई और तुरंत बेगूसराय रेफर कर दिया। बेगूसराय में प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना के लिए भेजा गया। लेकिन खून अधिक बह जाने के कारण रास्ते में ही इरशाद की मौत हो गई। रात भर जिस शादी को लेकर घर में खुशियों का माहौल था, कुछ ही घंटों में वह मातम में बदल चुका था। परिवार के सपने पल भर में चकनाचूर हो गए।


घटना के बाद दहशत, आरोपी फरार

घटना के बाद समारोह में मौजूद लोग सदमे में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। दूल्हा-दुल्हन मंच पर बैठे थे और परिवार रस्में निभा रहा था। किसी को भी अंदेशा नहीं था कि हर्ष फायरिंग जैसी मनमानी इस तरह की अनहोनी का कारण बन सकती है। परिजनों का कहना है कि पहली फायरिंग के बाद ही युवक को सख्ती से रोका जाना चाहिए था। लेकिन उसके दूसरी बार फायर करते ही गोली दूल्हे को लग गई। गोली चलने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया।


पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की पहचान हुई

घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मंच और आसपास के क्षेत्र की जांच की, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और आरोपी युवक की पहचान कर ली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार्यक्रम में हथियार कैसे पहुंचा और युवक ने फायरिंग क्यों की। यह भी पता किया जा रहा है कि आरोपी कार्यक्रम में कैसे आया और किससे उसका संपर्क था।


परिवार में कोहराम, गांव में गुस्सा

इरशाद की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता और भाई-बहन बदहवास हैं। दुल्हन रुखसार की स्थिति भी ऐसी है कि वह बोलने की हालत में नहीं है। रिश्तेदारों का कहना है कि कुछ घंटे पहले तक जहां घर में शादी के गीत गूंज रहे थे, अब वहां सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोग इस घटना से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि शादी-ब्याह में हर्ष फायरिंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता। प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।


हर्ष फायरिंग पर सवाल

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। शादी-ब्याह में की जाने वाली हर्ष फायरिंग पल भर में किसी की जिंदगी ले सकती है। कुतुबपुर में हुई यह दर्दनाक घटना इसका ताजा उदाहरण है। इरशाद की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्सवों में हथियारों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में सुरक्षित नहीं है। परिवार को मिला यह ज़ख्म शायद ही कभी भर पाएगा।