Bihar Flood News: खगड़िया में कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. जिले में चारों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके कारण बाढ़ प्रवण इलाकों के कई गांव और टोले प्रभावित हैं और कई घर पानी से घिरे हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से नावों का परिचालन कराया जा रहा है.


सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रिया राज सिंह के अनुसार, जिले के पांच प्रखंडों में कुल 40 नावें चल रही हैं. इनमें खगड़िया सदर प्रखंड में 20, परबत्ता में 10, गोगरी में छह तथा मानसी और बेलदौर में दो-दो नावों का परिचालन किया जा रहा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही फिलहाल इन्हीं नावों के सहारे हो रही है.


गंगा के पानी से घिरे कई घर

परबत्ता प्रखंड की कुल्हड़िया पंचायत के वार्ड संख्या आठ और 10 में गंगा के बाढ़ का पानी पहुंच गया है. दोनों वार्डों में कई घर पानी से घिरे हुए हैं. यहां परबत्ता अंचल प्रशासन की ओर से एक नाव का परिचालन कराया जा रहा है.


स्थानीय वार्ड सदस्यों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को अभी तक प्लास्टिक शीट उपलब्ध नहीं कराई गई है. वार्ड संख्या आठ के वार्ड सदस्य दिलखुश कुमार और वार्ड संख्या 10 के वार्ड सदस्य प्रतिनिधि मु. मोईम ने प्रशासन से प्रभावित लोगों के लिए तत्काल सूखा राशन और प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराने की मांग की है.


ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या को देखते हुए हेलोजन टैबलेट उपलब्ध कराने की भी मांग की है. उनका कहना है कि कई चापाकल पानी में डूब गए हैं, जबकि कुछ चापाकलों के आसपास बाढ़ का पानी जमा है. ऐसे में लोगों के सामने शुद्ध पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है.


एक सप्ताह से दूसरे के घर की छत पर ले रखी है शरण

बाढ़ के पानी से प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें खाने-पीने की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मिलन यादव, ललन यादव, रकीना खातून और कुलशुम खातून ने बताया कि वे करीब एक सप्ताह से दूसरे लोगों के घर की छत पर शरण लिए हुए हैं.


प्रभावित परिवारों का कहना है कि लंबे समय तक बाढ़ की स्थिति बनी रहने पर उनके सामने रहने और भोजन की समस्या और गंभीर हो सकती है.


बोरना पंचायत में भी बढ़ रहा पानी

गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत में भी बूढ़ी गंडक के पानी का प्रभाव देखा जा रहा है. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मु. नासिर इकबाल के अनुसार, वार्ड संख्या 10 बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है, हालांकि अभी तक घरों में पानी प्रवेश नहीं किया है.


उन्होंने बताया कि एक सितंबर की रात से एक बार फिर पानी बढ़ने लगा है. अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले एक-दो दिनों में घरों में भी पानी प्रवेश करने की आशंका है. पंचायत के वार्ड संख्या एक, चार, आठ, नौ और 11 में भी बाढ़ का आंशिक असर है.


वार्ड संख्या 10 निवासी मु. चुन्ना ने बताया कि बाढ़ के कारण मजदूरी का काम प्रभावित हो गया है. काम नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर बाढ़ की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है.


प्रशासन ने कहा- घरों में पानी आने पर शुरू होगा राहत कार्य

सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रिया राज सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रशासन के अनुसार ऐसी स्थिति नहीं है कि इसे बाढ़ की स्थिति माना जाए, क्योंकि अभी प्रभावित क्षेत्रों के घरों में पानी प्रवेश नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यदि घरों में पानी प्रवेश करता है और स्थिति बाढ़ की श्रेणी में आती है, तो प्रावधान के अनुसार राहत कार्य शुरू किए जाएंगे.