PATNA: जे०पी० गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को अब विश्वस्तरीय स्वरूप मिलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेपी गंगा पथ के समग्र विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि 6.5 किलोमीटर गंगा चैनल विकसित होगा। प्रत्येक 1.5 से 2 किलोमीटर पर पर्याप्त पार्किंग विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार गंगा किनारे फुटओवर ब्रिज निर्माण की कार्ययोजना तैयार करें। आम जनता के सुझावों के आधार पर जे०पी० गंगा पथ परियोजना को और बेहतर बनाने पर बल दिया। बक्सर से भागलपुर तक गंगा तट के समेकित एवं चरणबद्ध विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में मरीन ड्राइव (जे०पी० गंगा पथ) के किनारे समग्र उद्यान / पार्किंग / कैफेटेरिया आदि विकसित करने से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ जोरवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जे०पी० गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों, पूर्ण कराये गये कार्यों तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में वाटर मेट्रो जेट्टी, पार्किंग फॉर शॉप्स, ग्राउंड डेवलपमेंट, 25 एम०एल०डी० एवं 100 एम०एल०डी० एस०टी०पी०, एल०सी०टी० घाट/पी०एम०सी० 50 शॉप्स, बॉटनिकल गार्डेन, पटना मेट्रो कास्टिंग यार्ड/मीटिंग ग्राउंड, स्पोर्ट्स ग्राउंड, पार्किंग फॉर ग्राउंड, बटरफ्लाई पार्क, बांस घाट क्रिमेटोरियम कॉम्प्लेक्स, मंदिरी नाला कनेक्टिविटी, ओल्ड बांस घाट क्रिमेटोरियम कॉम्प्लेक्स, एस०टी०पी०/वेस्ट टू वंडर पार्क, प्रस्तावित गंगा चैनल विकास, पटना स्मार्ट सिटी पार्क विकास, महिला हाट एंड पार्किंग / कला ग्राम, दीघा रोटरी आदि के विकास कार्यों की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत रूप से अवगत कराया गया।


समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये ते हुये कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाकर उन्हें निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूर्ण करायें। कोईलवर एक्सप्रेस-वे को ध्यान में रखते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार करें जिससे गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में भी लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जे०पी० गंगा पथ पर प्रत्येक डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वाहनों का परिचालन सुचारु रूप से हो सके। आवश्यकतानुसार गंगा के किनारे फुटओवर ब्रिज के निर्माण की कार्ययोजना तैयार करें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक गोलघर पटना की पहचान है, इसलिए उसे और अधिक सुंदर एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित किया जाए। गोलघर परिसर में कैफेटेरिया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पटना हाईकोर्ट के समीप स्थित वाटर टावर का जीर्णोद्धार भी बेहतर ढंग से करायें। जे०पी० गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना को और अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं जनोपयोगी बनाने के लिए आमलोगों से सुझाव लें। बक्सर से भागलपुर तक गंगा तट के विकास के लिए चरणबद्ध समेकित मास्टर प्लान तैयार करें ताकि गंगा बेसिन का सुव्यवस्थित विकास हो तथा भूमि का अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके। श्रद्धालुओं एवं छठव्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये गंगा घाटों को विकसित करायें। इसको लेकर पटना के कुर्जी से काली घाट तक 6.5 किलोमीटर गंगा चैनल विकसित होगा।


बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, कला, संस्कृति विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ जोरवाल, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री नंदकिशोर सहित संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।