Jehanabad Oil Mill Subsidy Scheme 2026: बिहार में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार राष्ट्रीय खाद्य तेल-तेलहन मिशन योजना के तहत तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने पर भारी अनुदान दे रही है। इस योजना के तहत जहानाबाद जिले में एक तेल मिल स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 15 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक संस्थाएं 15 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि तेल मिल स्थापित करने पर कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जाएगा। 25 लाख रुपये की लागत वाली तेल प्रसंस्करण यूनिट पर अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

10 टन क्षमता की तेल प्रसंस्करण यूनिट होगी स्थापित

योजना के तहत जिले में 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जानी है। सरकार का उद्देश्य केवल तेल मिल खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर तिलहन उत्पादन और प्रसंस्करण की व्यवस्था को मजबूत करना भी है। अक्सर किसान सरसों, तिल और अन्य तिलहन फसलों का उत्पादन तो करते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से उन्हें बेहतर मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में तेल मिल स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर तिलहन की खरीद और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों को बाजार का बेहतर विकल्प मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और छोटे उद्योगों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

किन लोगों और संस्थाओं को मिलेगा योजना का लाभ?

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए कुछ निर्धारित श्रेणियों के आवेदक ही आवेदन कर सकेंगे। इनमें किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, VCP, तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियां शामिल हैं।सरकार की मंशा है कि संगठित स्तर पर तेल प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित हो और किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर सुविधाएं मिलें। इससे जिले में तिलहन आधारित व्यवसाय को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

25 लाख की परियोजना पर 33 प्रतिशत तक सब्सिडी

इस योजना के तहत तेल प्रसंस्करण यूनिट की परियोजना लागत 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस पर कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम अनुदान की राशि 9.90 लाख रुपये तक हो सकती है।हालांकि, आवेदकों को एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना होगा। योजना के तहत भूमि खरीदने और शेड या भवन निर्माण पर होने वाले खर्च को सब्सिडी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी जमीन की खरीद और भवन या शेड निर्माण का खर्च संबंधित संस्था या आवेदक को स्वयं वहन करना होगा।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज होंगे जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें परियोजना का DPR यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, बैंक लोन स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज और संस्था का पंजीकरण प्रमाण पत्र शामिल है।आवेदकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

तेल मिल स्थापना के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र आवेदक 15 सितंबर तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जहानाबाद जिला कृषि पदाधिकारी ने इसे किसानों और तिलहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के लिए एक अच्छी सरकारी योजना बताया है। उनके अनुसार, सरकार ग्रामीण स्तर पर तिलहन उत्पादन और तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में भी सुधार हो।

ऐसे में जहानाबाद के पात्र FPO, पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियों के लिए यह योजना कारोबार शुरू करने का एक बड़ा मौका साबित हो सकती है। समय सीमा सीमित होने के कारण इच्छुक आवेदकों को 15 सितंबर से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।