BIHAR NEWS : आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच पंजाब की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। पार्टी ने राज्य की 117 विधानसभा सीटों में से 45 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि जदयू इन सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है।


पंजाब जदयू के प्रदेश अध्यक्ष मालवेंद्र सिंह बेनीपाल उर्फ टेडी ने पटना साहिब स्थित तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस दौरान उनके साथ प्रबंधक समिति के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, व्यवसायी हरनेक सिंह सोही उर्फ सन्नी और समाजसेवी राजेश शुक्ला उर्फ टिल्लू भी मौजूद रहे।


45 सीटों पर फोकस, संगठन को किया जा रहा मजबूत

मालवेंद्र सिंह बेनीपाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से 45 सीटों पर जदयू गंभीरता से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा रहा है और संगठन को मजबूत बनाने का काम तेज कर दिया गया है।


उन्होंने कहा कि जदयू का लक्ष्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में एक मजबूत विकल्प के रूप में अपनी पहचान स्थापित करना है। पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों, मजदूर वर्ग और बिहार से जुड़े मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।


बिहार और पंजाब के रिश्तों पर जोर

बेनीपाल ने कहा कि बिहार और पंजाब का रिश्ता ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद मजबूत रहा है। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना साहिब में हुआ था और यही संबंध दोनों राज्यों को जोड़ता है।उन्होंने कहा कि पटना साहिब में आयोजित गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के भव्य और सफल आयोजन ने पूरे देश और दुनिया में बिहार की सकारात्मक छवि बनाई थी। इस आयोजन के बाद पंजाब के लोगों के बीच बिहार के प्रति सोच में बड़ा बदलाव आया। उनके अनुसार, पंजाब के सिख समाज में बिहार और वहां के नेतृत्व के प्रति सम्मान बढ़ा है।


नीतीश कुमार की छवि को भुनाने की तैयारी

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के प्रति पंजाब के सिख समुदाय में विशेष सम्मान और विश्वास है। पार्टी इसी भरोसे को राजनीतिक ताकत में बदलने की तैयारी कर रही है।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनकी विकासवादी छवि का लाभ पंजाब में भी मिल सकता है। पार्टी कार्यकर्ता इसी संदेश को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।


बिहार के लोगों की भूमिका का भी किया जिक्र

बेनीपाल ने दावा किया कि पंजाब की कृषि, उद्योग और व्यापार में बिहार के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। खेतों से लेकर फैक्ट्रियों तक बड़ी संख्या में बिहारी श्रमिक और कामगार पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का यह योगदान राजनीतिक रूप से भी प्रभाव डाल सकता है और जदयू को इसका लाभ मिल सकता है।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी हुई चर्चा

उन्होंने बताया कि जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक में भी आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। पार्टी अलग-अलग राज्यों में अपनी रणनीति तैयार कर रही है और पंजाब भी उसके लिए महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरा है।अब देखना दिलचस्प होगा कि पंजाब की राजनीति में जदयू का यह नया प्रयोग कितना सफल होता है और क्या पार्टी वास्तव में 45 सीटों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा पाती है।