Bihar News : बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) आज एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar करेंगे। इस बैठक को आगामी विधान परिषद चुनाव की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो बैठक में सबसे ज्यादा फोकस उम्मीदवारों के चयन और एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे पर रहेगा। चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद अब सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम तय करने में जुट गए हैं। ऐसे में जदयू भी अपने हिस्से की सीटों पर मजबूत और संतुलित उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
बताया जा रहा है कि एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 10 सीटों में से जदयू के हिस्से चार सीटें आ सकती हैं। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। माना जा रहा है कि जून के पहले सप्ताह में एनडीए की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।
नीतीश कुमार के आवास पर होने वाली इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Kumar Jha समेत संगठन और सरकार से जुड़े प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में चुनावी गणित, जातीय और सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा होगी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एक सीट के लिए नाम लगभग तय माना जा रहा है। चर्चा है कि बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को जदयू विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। आज की बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।
बाकी सीटों पर उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन अहम भूमिका निभा सकता है। जदयू नेतृत्व पिछड़ा वर्ग, अतिपिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समाज और लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी चाहती है कि उम्मीदवारों के चयन में ऐसा संतुलन दिखे जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों में सकारात्मक संदेश जाए।
जिन नेताओं के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं उनमें ललन मंडल, चंदेश्वर चंद्रवंशी, राजीव कुमार सिंह, हर्षवर्धन सिंह और गुलाम रसूल बलियावी प्रमुख बताए जा रहे हैं। हालांकि इनमें से किसे टिकट मिलेगा, इसका अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। आज होने वाली बैठक के बाद इन नामों पर अंतिम मंथन होने की संभावना है।
उधर विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होने जा रही है। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। वहीं 18 जून को मतदान होना प्रस्तावित है। ऐसे में राजनीतिक दलों के पास उम्मीदवार तय करने के लिए बहुत कम समय बचा है। यही वजह है कि जदयू की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव भले ही प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होता, लेकिन इसके जरिए दल अपने संगठन, सामाजिक आधार और राजनीतिक संदेश को मजबूत करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में आज की बैठक से निकलने वाले फैसलों पर सिर्फ जदयू ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।