Bihar News: बिहार के जमुई जिले के मड़वा पहाड़ प्रकरण में नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद इलाके में कई नए आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोग अब उसके कथित दबंग व्यवहार और लड़कियों को परेशान किए जाने की घटनाओं के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में नंदन का ऐसा खौफ था कि लोग उसके खिलाफ आवाज उठाने से भी डरते थे। यही वजह थी कि कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आने के बावजूद लोग खुलकर विरोध नहीं कर पाते थे।


पुलिस कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों की चुप्पी टूट रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नंदन यादव पर राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसने और उन्हें परेशान करने के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उसकी कथित हरकतों के कारण कई छात्राएं असहज और भयभीत रहती थीं। स्कूल आने-जाने के दौरान भी लड़कियों को परेशान किए जाने की बातें सामने आई हैं।


ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में नंदन की छवि एक दबंग व्यक्ति के रूप में बन गई थी। उसके व्यवहार से लोग नाराज तो थे, लेकिन विरोध करने की हिम्मत कम ही लोग जुटा पाते थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि उसके कथित दबदबे के कारण लड़कियों और उनके परिवारों में डर का माहौल बना रहता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


बताया जा रहा है कि कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार का असर छात्राओं की पढ़ाई पर भी पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में परेशान किए जाने की आशंका के कारण कुछ लड़कियां स्कूल आने-जाने में असहज महसूस करती थीं। कुछ छात्राओं के स्कूल छोड़ने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही है। हालांकि, कितनी छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई और कितनों ने स्कूल छोड़ा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


मड़वा पहाड़ प्रकरण के सामने आने के बाद से ही इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। मामले में नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद अब ग्रामीण पुराने घटनाक्रमों का जिक्र कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले भय के कारण कई बातें दबकर रह जाती थीं, लेकिन अब पुलिस की कार्रवाई के बाद लोग अपनी शिकायतें और अनुभव साझा कर रहे हैं।


इस पूरे मामले ने इलाके में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल जाने वाली लड़कियों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है, ताकि उन्हें रास्ते में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कथित घटनाओं के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आना भी चिंता का विषय है।


फिलहाल, नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नंदन पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित घटनाओं के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।