Bihar News : जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में गिरफ्तार आरोपी हरेराम यादव को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। चिकित्सकीय जांच में फिट पाए जाने के बाद पुलिस उसे पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश्वर दुबे की अदालत में लेकर पहुंची। अदालत में पेशी के बाद हरेराम यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


आरोपी को न्यायालय परिसर में पेश किए जाने के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। पेशी के समय अधिवक्ता आकाश पांडेय ने हरेराम यादव को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। अधिवक्ता ने बाद में बताया कि घटना को लेकर उनके भीतर काफी आक्रोश था और इसी कारण उन्होंने आरोपी को थप्पड़ मारा। उन्होंने कहा कि यह थप्पड़ केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे जमुई के आक्रोश का प्रतीक है।


पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पांच आरोपी नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले से जुड़े हैं, जबकि तीन लोगों को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि पुलिस द्वारा निरुद्ध किए गए तीन नाबालिगों में से एक की उम्र जांच के दौरान बालिग पाई गई है। उम्र की पुष्टि के बाद उसके संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।


इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही है। मंगलवार को पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इससे पहले हरेराम यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कुल छह आरोपियों के नाम आए थे। इनमें से पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी रणजीत राम अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


इसी मामले से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। साइबर थाना पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे करीब 120 अकाउंट्स को चिन्हित किया है, जिनसे घटना का वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन अकाउंट्स की गतिविधियों और वीडियो शेयर करने वाले लोगों की पहचान की जांच कर रही है।


पुलिस के मुताबिक, नाबालिगों से संबंधित संवेदनशील वीडियो को बिना ब्लर किए सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में जमुई साइबर थाने में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने तीन सोशल मीडिया हैंडलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गिरफ्तार लोगों में सोनो क्षेत्र के योगेंद्र प्रसाद यादव, जमुई के फैयाज शाह और चंद्रदीप क्षेत्र के रामाशीष कुमार शामिल हैं।


पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो को प्रसारित कर नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और उसके लिंक के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है।


मामले में दो नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।