'दीक्षारंभ-2026' में आईएसएम ने किया भावी तकनीकी नेतृत्वकर्ताओं का भव्य स्वागत

ISM पटना, 30 जुलाई, 2026: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना में बीसीए एवं एमसीए कार्यक्रमों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित "दीक्षारंभ-2026" ओरिएंटेशन कार्यक्रम उत्साह, गरिमा और अकादमिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागंतुक विद्यार्थियों का औपचारिक रूप से आईएसएम परिवार में स्वागत किया गया तथा उन्हें संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, व्यावसायिक मूल्यों एवं समग्र शिक्षण वातावरण से परिचित कराया गया।


कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के वाईस चेयरमैन, श्री देवल सिंह के नेतृत्व तथा निदेशक, प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार, डीन एवं प्रिंसिपल, प्रो. (डॉ.) विवेका नंद शर्मा तथा अकादमिक हेड, प्रो. (डॉ.) श्वेता रानी के मार्गदर्शन में किया गया। संस्थान के नेतृत्व ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आईएसएम का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष, नैतिक एवं नेतृत्व क्षमता से संपन्न पेशेवर तैयार करना है, जो ज्ञान, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।



कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, प्रशासकीय अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों की  उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) ए. के. नायक, पूर्व अध्यक्ष, कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) एवं प्रो-चांसलर, इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, नागालैंड; विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नरेश नंदन, सदस्य सचिव, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन इन्क्यूबेशन सेंटर–वेंचर पार्क तथा सदस्य, गवर्निंग काउंसिल, एम्स इन्क्यूबेशन सेंटर, पटना; नीरू कुमारी, एडमिन एवं आईक्यूएसी समन्वयक; प्रो. राजेश्वर दयाल, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर एप्लीकेशंस; डॉ. पूजा दुबे, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन; श्री सुधीर कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य; डॉ. सुनीता, विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग के संकाय सदस्य, अभिभावक तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि, प्रो. (डॉ.) ए. के. नायक ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके विद्यार्थी होते हैं। उन्होंने कहा कि आज का समय तीव्र तकनीकी परिवर्तन का युग है, जहाँ कंप्यूटर साइंस, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी, ब्लू टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल लैंग्वेज ट्रांसलेशन तथा मेंटल कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ भविष्य का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय पूर्णतः स्वचालित और बुद्धिमान तकनीकों का होगा। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि "ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है, आवश्यकता केवल उसे अर्जित करने की इच्छाशक्ति और क्षमता विकसित करने की है।" उन्होंने नवाचार, अनुसंधान की प्रवृत्ति तथा तकनीकी दक्षता विकसित कर भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वासपूर्वक सामना करने का संदेश दिया।



विशिष्ट अतिथि श्री नरेश नंदन ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं स्टार्ट-अप संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समस्या-समाधान की क्षमता एवं उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करना चाहिए, ताकि वे केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले युवा बन सकें।



इससे पूर्व कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभागाध्यक्ष, प्रो. राजेश्वर दयाल ने अतिथियों एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने आईएसएम पटना की गौरवशाली परंपरा, संस्थान की शैक्षणिक दृष्टि तथा बीसीए एवं एमसीए कार्यक्रमों की संरचना का विस्तृत परिचय दिया। साथ ही पाठ्यक्रम, शिक्षण-अधिगम प्रणाली, उद्योग से जुड़ाव, वैल्यू-एडेड पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप अवसरों एवं कैरियर संभावनाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखने तथा संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल संसाधनों एवं मेंटरिंग प्रणाली का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।


ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जानकारीपरक सत्रों में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों एवं करियर के अवसरों से अवगत कराया गया। श्री रवि सिंह ने SYNAPSE क्लब की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए तकनीकी नवाचार एवं सामूहिक अधिगम में इसकी भूमिका स्पष्ट की। वहीं श्रीमती भावना कुमारी ने एंटी-रैगिंग सेल के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए सुरक्षित, समावेशी एवं छात्र-हितैषी परिसर के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। 


श्री भावेश कुमार ने बीसीए के बाद सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर विकास, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, उद्यमिता एवं उभरते तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक करियर अवसरों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए संस्थान के विभिन्न प्रशासनिक एवं सहयोगी विभागों के साथ संवादात्मक परिचय सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला प्रशिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों, सिक रूम प्रभारी, छात्र एवं छात्रा छात्रावास वार्डनों, परिवहन प्रभारी तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) समन्वयक से उनके कार्यस्थलों पर संवाद स्थापित कर संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं, नियमों एवं सहायता प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस परिचयात्मक संवाद ने नवागंतुक विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली को निकट से समझने तथा आवश्यकता पड़ने पर मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित किया।



इस अवसर पर एडमिन एवं आईक्यूएसी समन्वयक नीरू कुमारी ने विद्यार्थियों को संस्थान की मॉडल आचार संहिता, शैक्षणिक नियमावली, अनुशासन, उपस्थिति, परीक्षा प्रणाली तथा नैतिक मूल्यों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्तरदायित्व, ईमानदारी, पारस्परिक सम्मान एवं व्यावसायिक आचरण को अपने विद्यार्थी जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, संस्थान के नेतृत्व, संकाय सदस्यों, अभिभावक, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित आइस-ब्रेकिंग गतिविधियों ने कार्यक्रम में उत्साह का नया रंग भर दिया। ट्रेजर हंट, रोबो रेस एवं रस्साकशी जैसी रोचक प्रतियोगिताओं में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में टीम भावना, संवाद कौशल, समस्या-समाधान क्षमता एवं आपसी सहयोग की भावना को सुदृढ़ किया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को विभागाध्यक्ष द्वारा प्रेरणादायी नैतिक पुस्तकों से सम्मानित किया गया, ताकि उनमें आजीवन सीखने की प्रवृत्ति, नैतिक मूल्यों एवं उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता विकसित हो।



कार्यक्रम का समापन नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने आईएसएम पटना में अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत को लेकर प्रसन्नता एवं उत्सुकता व्यक्त की। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक कार्यप्रणाली, छात्र सहायता सेवाओं तथा समग्र व्यक्तित्व विकास के विविध अवसरों से परिचित कराने में अत्यंत सफल रहा और उनके उज्ज्वल एवं परिवर्तनकारी शैक्षणिक सफर की सुदृढ़ आधारशिला सिद्ध हुआ।