PATNA: पटना के धनरुआ स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नर्सिंग सेवा के महत्व को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों ने नर्सों की भूमिका को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए विद्यार्थियों को सेवा भाव और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश दिया। 


धनरुआ स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स अवधरा, पभेड़ी, धनरूआ, पटना के प्रांगण में 'अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस' अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। यह दिवस आधुनिक नर्सिंग की जननी 'फ्लोरेंस नाइटिंगेल' के जन्मदिवस और मानवता की सेवा में नर्सों के अतुलनीय योगदान को समर्पित रहा।


कार्यक्रम का उ‌द्घाटन संस्थान के चेयरमैन डॉ. उमाशंकर, निदेशक डॉ. रामचंद्र साव एवं प्राचार्या मिस० मधू कुमारी भगत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण की और सेवा भाव से मरीजों की देखभाल करने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण समारोह प्रशिक्षु नर्सों ने अपने पेशे के प्रति निष्ठा और ईमानदारी की शपथ ली।


सास्कृतिक कार्यक्रम छात्रों द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता और नर्सिंग के महत्व पर आधारित नाटक और भाषण प्रस्तुत किए गए। सम्मान समारोह बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।चेयरमैन डॉ. उमाशंकर ने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है, जिनके बिना एक स्वस्थ समाज की कल्पना अधूरी है।


वहीं संस्थान के निदेशक डॉ. रामचंद्र साव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। हमारे संस्थान का उद्देश्य कुशल और संवेदनशील स्वास्थ्य कर्मी तैयार करना है जो समाज के हर तबके की सेवा कर सकें। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्राचार्या मिस० मधू कुमारी भगत ने सभी अतिथियों और छात्र-छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान संस्थान के सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।