PATNA : सरकारी स्कूलों-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए जनता दल यूनाइटेड की ओर से बड़ा एलान किया गया है. इस बार के चुनाव में 7 निश्चय पार्ट-2 का लक्ष्य रख कर चलने वाली नीतीश कुमार की पार्टी की ओर से सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इंटरमीडिएट और स्नातक पास करने वाली छात्राओं के लिए 'मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना' में राशि को बढ़ाने का एलान किया गया है.
नीतीश सरकार की वापसी के बाद सरकारी स्कूलों-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को इंटर पा करने पर 25 हजार और ग्रेजुएशन पास करने पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाएगी. बिहार में फिलहाल इंटरमीडिएट पास करने वाली सभी वर्ग और श्रेणी की छात्राओं को एक मुश्त 10 हजार रुपये और स्नातक पास छात्राओं को एक मुश्त 25 हजार रुपये दिये जाते हैं. जिसे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
युवाओं को हुनर देकर बन रहा है स्वावलंबी बिहार @NitishKumar जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है हमारा बिहार। #7Nishchay2 #सक्षम_बिहार_स्वावलंबी_बिहार#परखा_है_जिसको_चुनेंगे_उसी_को pic.twitter.com/1RGMTU3POe
— Janata Dal (United) (@Jduonline) September 30, 2020
जेडीयू की ओर से ट्वीट कर बताया गया है कि "सक्षम महिला-सशक्त महिला से ही तो बनेगा स्वाबलंबी बिहार, महिलाओं के चेहरे पर अब सुरक्षा और सम्मान की मुस्कान दिखती है."
तब के लक्ष्मणपुर में था जंगलराज और नरसंहार। अब के लक्ष्मणपुर में है विकास की बयार। आज के युवाओं को ये जानना जरूरी है कि बिहार को किस गर्त में पहुंचाया था एक परिवार ने। अब दुबारा उनके झांसे में नही आना है। pic.twitter.com/th6TyEp5vE
— Janata Dal (United) (@Jduonline) September 30, 2020
जेडीयू की ओर से जंगलराज और नरसंहार को लेकर भी लालू राज पर टिप्पणी की गई है. ट्वीट कर लिखा गया है कि " तब के लक्ष्मणपुर में था जंगलराज और नरसंहार. अब के लक्ष्मणपुर में है विकास की बयार. आज के युवाओं को ये जानना जरूरी है कि बिहार को किस गर्त में पहुंचाया था एक परिवार ने. अब दुबारा उनके झांसे में नही आना है. 90 के दशक का वो बिहार जिसे हर बिहारवासी एक डरावने सपने की तरह भूल जाना चाहता है. लक्ष्मणपुर बाथे में सिर्फ इंसानो की नहीं इंसानियत की भी हत्या हुई थी. आज नीतीश के प्रयासों से न सिर्फ वहां के लोगों में कानून के प्रति भरोसा जागा है बल्कि लोगों का जीवन स्तर भी सुधरा है."