PATNA: पटना में संतान उपचार के क्षेत्र में कार्यरत होप प्लस IVF ने अपनी दूसरी वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर कई जरूरतमंद दंपतियों ने अपने बच्चों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। संस्थान के अनुसार, पिछले दो वर्षों में केंद्र ने कई जटिल मामलों का सफल उपचार करते हुए 1000 से अधिक सफल IVF मामलों का रिकॉर्ड बनाया है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।
पटना में संतान उपचार के अग्रणी केंद्र होप प्लस आईवीएफ ने अपनी दूसरी वर्षगाँठ जन्मदिन से मनाया। इस अवसर पर कई जरूरतमंद दंपत्ति अपने बच्चों के साथ शामिल हुए पिछले 2 साल में संस्थान ने कई जटिल मामलों को हल करते हुए 1000 से ज़्यादा सफल आईवीएफ मामलों का कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के चारों सह अध्यापकों ने अपने विचार रखे।
डॉक्टर अनुजा सिंह (20 साल+ अनुभव, 12000 सफल केस) ने कहा यह 2 साल 1000 से ज़्यादा परिवारों के सपने के सच होने की यात्रा है यहाँ आधुनिक तकनीक और नैतिक चिकित्सा के जटिल मामलों में भी मैं भी नई उम्मीद जागी है। फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट और गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर सिमी कुमारी जिन्होंने हज़ारों बांझ दंपतियों की सेवा की है फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स में चिकित्सा विशेषता के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदना और भरोसा बढ़ना भी महत्वपूर्ण है।
उनका प्रयास रहता है कि प्रत्येक दंपति को उनकी स्थिति के अनुसार सही सलाह उपचार और निरंतर मार्गदर्शन मिले। डॉक्टर राकेश कुमार मुख्य भ्रुण विज्ञानी (15 साल +, 16000 सफल मामले) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली एडवांस लैब तकनीक निकालने वाले मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। साथ ही उनका मनाना है कि आईवीएफ केवल मेडिकल प्रक्रिया नहीं बल्कि एक परिवार के सपने और भावनाओं से जुड़ना इलाज है।
डॉ संजीव कुमार, मुख्य एनेस्थिसियोलोलॉजिस्ट का अनुभव 20 साल से भी ज्यादा है। उनके अनुसार आईवीएफ प्रक्रिया के समय यह भी जरूरी है कि मरीज पूरी तरह सुरक्षित,सहज और विश्वास पूरा महसूस करें। होप प्लस आईवीएफ के सभी चार निदेशकों के अनुसार उनका मुख्य उद्देश्य मरीजों को आश्वस्त, भरोसेमंद बनाना, उपचार को पारदर्शी रखना और उन्हें उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार जल्द से जल्द सफल परिणाम प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन करना है।