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19-Jan-2026 08:59 AM
By First Bihar
bihar news : बिहार में दुग्ध और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक नई पहल की रूपरेखा तैयार की है। राज्य के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने होम डिलीवरी के माध्यम से दुग्ध उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग इलेक्ट्रिक कार्ट खरीदने जा रहा है, जिससे ताजा दूध, दही, पनीर जैसे उत्पाद घर-घर पहुंच सकेंगे। वहीं, मछली प्रेमियों के लिए भी एक खास व्यवस्था की जा रही है। ताजी मछली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘फ्रेश कैच’ नाम से फिश आउटलेट खोलने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी रविवार को विभागीय मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बैठक के बाद दी।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और ताजा दुग्ध उत्पादों की सुविधा देना है। इलेक्ट्रिक कार्ट के जरिए होम डिलीवरी से न सिर्फ उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में पारदर्शिता भी आएगी। साथ ही, इससे छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा और मध्यस्थों पर निर्भरता कम होगी।
इसके साथ ही, ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट खोलने से ताजी मछली की उपलब्धता बढ़ेगी। यह कदम मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मछली पालन करने वाले किसानों को बाजार उपलब्धता और बेहतर कीमत सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
गांव-गांव में DCS और पंचायत स्तर पर सुधा बिक्री केंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में ‘हर गांव डीसीएस, हर पंचायत सुधा बिक्री केंद्र’ बनाने की परिकल्पना को साकार करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य गांवों में दूध संग्रहण और बिक्री की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। यदि यह योजना लागू होती है तो ग्रामीण क्षेत्र में डेयरी उत्पादकों को अपने उत्पाद आसानी से बेचने और सही मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। साथ ही, पंचायत स्तर पर सुधा बिक्री केंद्र बनने से उपभोक्ताओं को भी सीधे और सस्ते में दूध उत्पाद मिल सकेंगे।
‘फ्रेश कैच’ के जरिए मछली उपभोक्ता तक
फिश आउटलेट ‘फ्रेश कैच’ का मकसद ताजी मछली को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। इसके साथ ही मछली पालकों को तकनीकी परामर्श, प्रशिक्षण और समस्या का तुरंत समाधान उपलब्ध कराने के लिए सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मछली पालन की गुणवत्ता बढ़ेगी और उत्पादन में सुधार आएगा। विभाग की योजना के अनुसार, इस तरह के आउटलेट्स के माध्यम से मछली के ताजा स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और बाजार में मछली की सप्लाई निरंतर बनी रहेगी।
सस्टेनेबल और पर्यावरण के अनुकूल कदम
इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की योजना को पर्यावरण के अनुकूल कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। पारंपरिक वाहन की जगह इलेक्ट्रिक कार्ट के इस्तेमाल से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। साथ ही, यह योजना ऊर्जा संरक्षण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में मंत्री सुरेंद्र मेहता ने आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए सात निश्चय–3 के तहत चल रही प्रस्तावित योजनाओं की तैयारियों की समीक्षा की। सरकार का उद्देश्य कृषि, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाकर रोजगार सृजन करना है। साथ ही, इन क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी सहायता बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आमदनी में वृद्धि करना भी लक्ष्य है।
अब विभाग इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में है। इलेक्ट्रिक कार्ट खरीदने की प्रक्रिया, वितरण नेटवर्क का निर्माण और ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट की स्थापना को जल्द से जल्द प्रारंभ करने की दिशा में काम किया जाएगा। इन पहलों से न सिर्फ दुग्ध और मत्स्य क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और ताजा उत्पाद घर बैठे मिलना आसान हो जाएगा, जो बिहार में खाद्य सुरक्षा और पोषण के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।