Bihar News :  बिहार में बीजेपी के पूर्व विधायक और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि शनिवार रात उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर धमकी दी गई। धमकी भरे कॉल के बाद उन्होंने पटना के पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात उनके मोबाइल फोन पर लगातार दो संदिग्ध कॉल आए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज की। इसके बाद उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

पूर्व विधायक ने बताया कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही। अचानक आए इस तरह के कॉल से वह हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

कॉलर की पहचान को लेकर पुलिस को दी जानकारी

शिकायत में हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पुलिस को उन मोबाइल नंबरों की जानकारी दी है, जिनसे उन्हें धमकी भरे कॉल आए थे। उन्होंने बताया कि कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप पर इनमें से एक नंबर की पहचान मो. इनामुल के नाम से दिखाई दे रही थी। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कॉल किस व्यक्ति ने किया था और इसके पीछे क्या वजह थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कॉल डिटेल्स, मोबाइल नंबरों की जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

बीजेपी नेता को धमकी से राजनीतिक हलचल

हरिभूषण ठाकुर बचौल बिहार बीजेपी के चर्चित नेताओं में शामिल हैं। वह अपने बेबाक बयानों और राजनीतिक सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। धमकी मिलने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।

बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को धमकी देना गंभीर मामला है और पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए।

सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद पूर्व विधायक की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस प्रशासन इस बात की भी समीक्षा कर सकता है कि उन्हें किसी तरह की अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है या नहीं। गौरतलब है कि बिहार में इससे पहले भी कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों को धमकी मिलने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करती है।

फिलहाल पाटलिपुत्र थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कब तक हो पाती है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।