PATNA:मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की है। जेडीयू की इस कार्रवाई पर बाढ़ के पूर्व विधायक और भाजपा नेता ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने प्रतिक्रिया दी है।


ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि वह भाजपा में हैं और यह जेडीयू का आंतरिक मामला है। हालांकि, उन्होंने अनंत सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि अनंत सिंह दिल के साफ आदमी हैं और उन्हें लगता है कि वह किसी चक्रव्यूह में फंस गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अनंत सिंह को इस तरह कैसे फंसा दिया गया और वह किसी के चक्रव्यूह में कैसे आ गए?


अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहते 384 लोगों को किया था निष्कासित

पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने अपने राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब वह जेडीयू की अनुशासन समिति के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने 384 लोगों को पार्टी से निष्कासित किया था। इनमें सांसद और कई विधायक भी शामिल थे।


बाढ़ से अपने रिश्ते पर भी बोले ज्ञानू

इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने बाढ़ से अपने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महीने में दो बार बाढ़ नहीं आ पाते हैं, तो उन्हें लगता है कि कुछ छूट गया है। थोड़ी भी छुट्टी मिलती है या निमंत्रण आता है, तो वह बाढ़ पहुंच जाते हैं।


उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बहुत कम लोग लगातार 20 साल तक विधायक रहे हैं, लेकिन उन्होंने बाढ़ का 20 साल तक प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्हें सभी जातियों और वर्गों के लोगों का प्यार मिला। ज्ञानू ने कहा कि जब तक जीवित रहेंगे, बाढ़ से उनका रिश्ता जुड़ा रहेगा।