Bihar Investment : बिहार के अग्रणी संवाद मंच ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (GTRi) द्वारा आयोजित GTRi 6.0 सम्मेलन का सफल आयोजन 6 जून 2026 को पटना में किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम "मनी, मार्केट एंड मोमेंटम" रही, जिसके तहत बिहार की आर्थिक संभावनाओं, निवेश के अवसरों, फिनटेक नवाचारों और वैश्विक पूंजी की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों, निवेशकों, वित्तीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, कॉरपोरेट अधिकारियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर ‘बिहार जर्नल’ के तीसरे संस्करण का भी लोकार्पण किया गया, जिसमें बिहार के विकास और समकालीन मुद्दों पर केंद्रित महत्वपूर्ण लेख और शोध शामिल हैं। जीटीआरआई की क्यूरेटर अदिति नंदन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि बिहार के सतत विकास के लिए संवाद, सहयोग और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीटीआरआई राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक विचार-विमर्श से जोड़ने का एक प्रभावी मंच बन चुका है।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के लिए मजबूत संस्थान, न्यायिक पारदर्शिता और सुशासन सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं। उन्होंने बिहार की बदलती आर्थिक तस्वीर और निवेश की बढ़ती संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
सम्मेलन के पहले सत्र "फाइनेंशियल आर्किटेक्चर ऑफ बिहार" में राज्य की वित्तीय संरचना, संस्थागत मजबूती और वित्तीय समावेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। निवेशक और फैमिली ऑफिस रणनीतिकार प्रिंसेस जाह्नवी कुमारी मेवाड़ ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार रखे, जबकि आरबीआई ओम्बड्समैन के मुख्य महाप्रबंधक कुमार राजेश रंजन ने वित्तीय संस्थानों की भूमिका और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र का संचालन वरिष्ठ व्यवसाय पत्रकार पवन कुमार ने किया।
दूसरे सत्र "टेक्नोलॉजी फॉर फाइनेंशियल ज्यूरिसप्रूडेंस इन कॉन्टेक्स्ट टू बिहार" में तकनीक और वित्तीय निर्णय प्रक्रिया के संबंधों पर विमर्श हुआ। आदित्य बिड़ला समूह के ग्रुप चीफ डेटा एवं एनालिटिक्स ऑफिसर पंकज राय तथा इन्फोमेरिक्स एनालिटिक्स एंड रिसर्च के सीनियर डायरेक्टर अविनाश चंद्र ने डेटा एनालिटिक्स, जोखिम प्रबंधन और डिजिटल नवाचारों की भूमिका को रेखांकित किया। इस सत्र का संचालन जनसंपर्क एवं रणनीतिक संचार विशेषज्ञ अनूप शर्मा ने किया।
तीसरे सत्र "फिनटेक फॉर भारत, फॉर बिहार?" में डिजिटल वित्तीय सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित वित्तीय समावेशन की संभावनाओं पर चर्चा हुई। आर्थमेट के प्रबंध निदेशक और K2Alpha.AI के संस्थापक रंजन कांत तथा ईको भारत वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक अभिषेक सिन्हा ने फिनटेक सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलावों और बिहार में उसके प्रभाव पर अपने विचार रखे।
इसके बाद आयोजित "फंडिंग बिहार"सत्र में राज्य में निवेश आकर्षित करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और उद्यमियों को पूंजी उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा हुई। इस सत्र में कैरटलेन के पूर्व सह-संस्थापक एवं निवेश विशेषज्ञ अवनीश आनंद और लंदन एंड पार्टनर्स की वाइस प्रेसिडेंट दिव्या बजाज ने बिहार में निवेश की संभावनाओं और वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP) के निदेशक डॉ. राणा सिंह ने किया।
सम्मेलन का अंतिम सत्र "डायस्पोरा कैपिटल" रहा, जिसमें बिहार के प्रवासी समुदाय की आर्थिक भूमिका और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी पर चर्चा की गई। पूर्व निदेशक राजीव शर्मा और मार्श के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर अशोक कुमार ने प्रवासी निवेश और वैश्विक नेटवर्किंग को बिहार के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
सम्मेलन में हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि बिहार की विकास यात्रा केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय नवाचार, तकनीकी परिवर्तन, उद्यमिता, वैश्विक संपर्क और निवेश आकर्षण जैसे कारक आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। जीटीआरआई 6.0 ने बिहार के आर्थिक भविष्य को लेकर गंभीर और सार्थक विमर्श के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।