ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS : नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय, नामांकन से पहले कटी NR रसीद, रामनाथ ठाकुर का भी नाम शामिल बिहार में राजद विधायक के चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, हत्या की आशंका से इलाके में हड़कंप राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए 6 उम्मीदवारों का किया ऐलान, अभिषेक मनु सिंघवी समेत कई नए चेहरों को मौका राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए 6 उम्मीदवारों का किया ऐलान, अभिषेक मनु सिंघवी समेत कई नए चेहरों को मौका BIHAR NEWS : बिहार NDA के सभी सांसद और विधायक को आया बुलावा, आनन-फानन में पटना पहुंच रहे नेता; नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चा से तेज हुई हलचल Nitish Kumar: ‘इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे’, पप्पू यादव ने BJP को चेताया, कहा- जनादेश का अपमान काफी भारी पड़ेगा Nitish Kumar: ‘इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे’, पप्पू यादव ने BJP को चेताया, कहा- जनादेश का अपमान काफी भारी पड़ेगा Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट पर दिलचस्प लड़ाई, RJD के उम्मीदवार होंगे अमरेंद्र धारी सिंह BIHAR NEWS : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के सवाल पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की चुप्पी, बोले- बिहार का मेरे जीवन में अलग स्थान BIHAR NEWS : नीतीश के राज्यसभा जाने के सवाल पर ललन सिंह ... मेरे चाहने से कुछ नहीं होगा ...फैसला उनका, पार्टी भी उनकी ही बनाई हुई

TET pass : सरकारी शिक्षकों को मिल सकती है TET अनिवार्यता से छूट, केंद्र सरकार ने दिया बड़ा संकेत

केंद्र सरकार ने पुराने और अनुभवी शिक्षकों को TET अनिवार्यता से राहत देने की पहल की है। इस कदम से लाखों शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2011 से पहले हुई, उन्हें नौकरी सुरक्षा की उम्मीद है।

11-Jan-2026 12:09 PM

By First Bihar

TET pass : देशभर के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहे डर, तनाव और असमंजस पर अब विराम लगने की संभावना है। खासकर उन शिक्षकों के लिए यह उम्मीद की किरण है, जो कई सालों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन किसी कारण से अब तक TET पास नहीं कर पाए हैं और अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में थे।


सितंबर 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। इस फैसले का असर देश के करोड़ों शिक्षकों पर पड़ा। कई शिक्षक जो 10–15 या 20 साल से सेवा दे रहे हैं, अचानक असुरक्षित महसूस करने लगे। उन्हें डर था कि अगर वे निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं कर पाए, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है या उन्हें समय से पहले रिटायर होना पड़ सकता है।


गैर-TET शिक्षक लंबे समय से यह सवाल उठा रहे थे कि उन्हें बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए या अपनी नौकरी बचाने के लिए परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। कई अनुभवी शिक्षकों के लिए दोबारा परीक्षा देना कठिन है। यही वजह रही कि शिक्षक संगठन केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष लगातार यह मांग उठाते रहे कि पुराने और अनुभवी शिक्षकों को TET अनिवार्यता से छूट दी जाए या उन्हें किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत राहत दी जाए।


अब इस दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि पहली से आठवीं कक्षा तक के उन शिक्षकों का पूरा विवरण दिया जाए, जिनकी नियुक्ति साल 2011 से पहले हुई थी।


इस रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां मांगी गई हैं, जैसे 2011 से पहले और बाद कितने शिक्षक नियुक्त हुए, कितने शिक्षकों ने TET या CTET पास किया है, कितने शिक्षक अब तक पास नहीं कर पाए हैं, उनके उम्र, शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण की स्थिति। राज्यों को यह जानकारी 16 जनवरी तक देनी होगी। इसके लिए मंत्रालय ने 31 दिसंबर को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है।


सरकार की इस पहल से लगभग 12 लाख शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक TET पास नहीं किया है। उत्तर प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक, राजस्थान में करीब 80 हजार थर्ड ग्रेड शिक्षक, मध्य प्रदेश में लगभग 3 लाख शिक्षक और झारखंड में लगभग 27 हजार प्राथमिक शिक्षक इस फैसले से सीधे प्रभावित होंगे।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, जो शिक्षक TET योग्य नहीं हैं, उन्हें दो साल के भीतर परीक्षा पास करनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता, तो उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या रिटायर किया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों की सेवा में केवल पांच साल बचा है, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है।


अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और राज्यों के निर्णय पर टिकी हैं। यदि सरकार पुराने और अनुभवी शिक्षकों को TET से छूट देने या वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का फैसला करती है, तो इससे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। यह कदम न केवल शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता और बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सरकार किस दिशा में फैसला लेती है।