BIHAR NEWS : गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक तिलक समारोह में भोज खाने के बाद करीब 40 से अधिक लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया। बताया जा रहा है कि सभी लोग गुरुआ थाना क्षेत्र के धाना विगहा गांव में आयोजित एक तिलक समारोह में शामिल हुए थे, जहां भोजन करने के कुछ ही देर बाद लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगीं। प्रारंभिक तौर पर मामला फूड प्वाइजनिंग का माना जा रहा है।


ग्रामीणों के अनुसार समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। भोज खत्म होने के कुछ समय बाद कई लोगों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन जब एक के बाद एक दर्जनों लोग बीमार पड़ने लगे तो गांव में हड़कंप मच गया। हालत बिगड़ते देख परिजन और ग्रामीण तत्काल मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।


अधिकतर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ लोगों का इलाज निजी क्लीनिकों में भी चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। चिकित्सा प्रभारी डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही एंबुलेंस भेजी गई और सभी मरीजों को अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और फिलहाल सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।


सीएचसी गुरुआ में तैनात चिकित्सक डॉ. नीतीश कुमार ने बताया कि बीमार लोगों में धाना विगहा गांव की 45 वर्षीय सुनीता देवी, 44 वर्षीय प्रेमनी देवी, 17 वर्षीय रौशन कुमार, 22 वर्षीय आनंद कुमार, 45 वर्षीय रमेश राम, 28 वर्षीय राहुल राज, 30 वर्षीय आकाश कुमार, 25 वर्षीय कुंदन कुमार और 10 वर्षीय अंकुश कुमार समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। सभी मरीजों में फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए हैं।


घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भोज में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं थी, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि आखिर भोजन में ऐसी क्या गड़बड़ी थी जिससे लोगों की तबीयत बिगड़ी। संभावना जताई जा रही है कि खराब या दूषित खाद्य पदार्थ खाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई।


फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने के कारण स्थिति नियंत्रण में है और किसी की हालत गंभीर नहीं है। वहीं, गांव में इस घटना को लेकर लोगों के बीच डर और नाराजगी दोनों देखी जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भोज में इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।