Bihar Jharkhand Rail Project: भारतीय रेलवे गया-कोडरमा रेलखंड को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य कर रहा है। इस पूरे क्षेत्र में करीब 190.31 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात भी पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
रेलवे की इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगें भी पूरी होने की उम्मीद है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पहाड़पुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 28.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
नए स्टेशन भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें आकर्षक प्रवेश द्वार, बड़े और सुविधाजनक प्रतीक्षालय, बेहतर लाइटिंग व्यवस्था, साफ-सफाई और यात्रियों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य की गति धीमी थी, लेकिन अब काम ने तेजी पकड़ ली है।
रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। इसके तहत टनकुप्पा, गुरपा, दिलवा, बंधुआ, बंशीनाला और पहाड़पुर स्टेशनों पर विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। करीब 80 लाख रुपये की लागत से इन स्टेशनों पर रैंप, सुगम प्रवेश मार्ग और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं, जिससे दिव्यांग यात्रियों को आवाजाही में परेशानी न हो।
रेल फाटकों पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं के खतरे को कम करने के लिए रेलवे 142 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस राशि से तीन बड़े रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाएंगे। ये आरओबी गुरपा-पहाड़पुर, पहाड़पुर-टनकुप्पा और टनकुप्पा-बंधुआ रेलखंड के बीच बनाए जाएंगे, जिससे सड़क यातायात बिना रुकावट जारी रह सकेगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए टनकुप्पा स्टेशन के पास 6.78 करोड़ रुपये की लागत से नया अंडरपास बनाया जाएगा। वहीं, दिलवा और बंशीनाला स्टेशनों पर 9.51 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक रैंप, सीढ़ियां और फुट ओवरब्रिज (FOB) तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा दिलवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2 और 3 को 2.32 करोड़ रुपये की लागत से ऊंचा किया जाएगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी।
रेलवे की इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गया-कोडरमा रेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। आधुनिक सुविधाओं से यात्रियों का सफर आरामदायक और सुरक्षित होगा, साथ ही क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।