Bihar education news: गया जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में विभाग लगातार पहल कर रहा है। इसी कड़ी में अब छात्राओं को स्कूल टाइमिंग के बाद डाउट क्लास के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कृष्ण मुरारी गुप्ता ने टाइप थ्री और टाइप फोर श्रेणी के केजीबीवी में ऑनलाइन स्मार्ट डाउट क्लास शुरू करने की पहल की है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्राओं को उनके हॉस्टल में ही विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन गाइडेंस और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
बैठक में उठा मुद्दा
डीईओ कार्यालय में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के वार्डेन के साथ हुई बैठक में बच्चियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी दौरान छात्राओं के शाम के समय डाउट क्लास में होने वाली समस्याओं पर मुद्दा उठा। कई छात्राओं को पढ़ाई के बाद विषय संबंधी शंका समाधान के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता था, जो उनके लिए असुविधाजनक और समय की बर्बादी साबित हो रहा था।
इसी समस्या के समाधान के लिए डीईओ ने ऑनलाइन स्मार्ट क्लास शुरू करने का निर्णय लिया, जिसमें सरकारी स्कूलों में पदस्थापित विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद ली जाएगी। ये शिक्षक न केवल विषय की गहराई से पढ़ाई कराएंगे बल्कि भावी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी छात्राओं का मार्गदर्शन करेंगे।
क्या कहते हैं डीईओ?
जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि बैठक के दौरान वार्डेन ने शाम की डाउट क्लास में छात्राओं को होने वाली कठिनाइयों की जानकारी दी थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि छात्राओं को हॉस्टल में ही मोबाइल अथवा आईसीटी लैब के माध्यम से ऑनलाइन स्मार्ट क्लास उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए चार से पांच शिक्षकों का चयन किया जा चुका है, जबकि अन्य शिक्षकों की चयन प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही ऑनलाइन क्लास का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
14 केजीबीवी में आईसीटी लैब की स्थापना
गया जिले में शिक्षा को डिजिटल स्वरूप देने के लिए 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का चयन किया गया है, जहां आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब स्थापित की जा रही है। इन लैबों में कंप्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, डिजिटल लर्निंग सामग्री, स्मार्ट टीवी और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन 14 विद्यालयों में नौ स्कूल टाइप थ्री और पांच स्कूल टाइप फोर श्रेणी में आते हैं। टाइप थ्री स्कूलों में 200 एवं टाइप फोर में 100 छात्राओं की नामांकन क्षमता है। कुल क्षमता करीब 2300 होने के बावजूद वर्तमान में लगभग 1400 छात्राएं नामांकित हैं।
किन विद्यालयों में मिलेगी सुविधा
टाइप थ्री श्रेणी के अतरी, बाराचट्टी, बोधगया, गुरुआ, इमामगंज, खिजसराय, मोहड़ा, परैया और टिकारी के केजीबीवी में आईसीटी लैब स्थापित की जा रही है। वहीं टाइप फोर श्रेणी में बेलागंज, डोभी, गया टाउन, टनकुप्पा और वजीरगंज के विद्यालय शामिल हैं।
आईसीटी लैब और ऑनलाइन स्मार्ट डाउट क्लास शुरू होने से छात्राओं को पढ़ाई के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की बच्चियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होगा। विभाग को उम्मीद है कि इससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्राओं की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी।