Bihar IAS Transfer: बिहार में 22 IAS अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—गरिमा लोहिया। बाढ़ की SDO के तौर पर सख्त कार्रवाई और स्कूल निरीक्षण के दौरान उनके बेबाक अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वहीं अब उन्हें दरभंगा नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है।
बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना में कुल 22 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में कई अनुमंडलों को नए SDO भी मिले हैं। हालांकि, पूरी ट्रांसफर-पोस्टिंग सूची में जिस एक अधिकारी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह हैं गरिमा लोहिया।
बाढ़ अनुमंडल की SDO रहीं गरिमा लोहिया का तबादला अब दरभंगा नगर निगम के नगर आयुक्त के पद पर कर दिया गया है। सामान्य प्रशासनिक नजरिए से देखें तो इसे उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी और प्रमोशन के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन उनकी चर्चा केवल नए पद की वजह से नहीं हो रही है। दरअसल, तबादले की सूची सामने आने से ठीक पहले गरिमा लोहिया अपने एक्शन और सख्त कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थीं।
तबादले से पहले स्कूल में अचानक पहुंचीं SDO
बाढ़ अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में गरिमा लोहिया मोकामा प्रखंड स्थित एक मॉडल स्कूल का अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान स्कूल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आईं। खासतौर पर बच्चों के पेयजल और साफ-सफाई की स्थिति देखकर वह नाराज हो गईं।
मोकामा के रामशरण स्मारक रेलवे एडेड उच्च विद्यालय, सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य से सीधे सवाल किए। वायरल वीडियो में गरिमा लोहिया स्कूल की व्यवस्था को लेकर बेहद स्पष्ट और सख्त अंदाज में जवाब मांगती नजर आ रही हैं।
उन्होंने प्रधानाचार्य से पूछा कि आखिर बच्चों के पेयजल की क्या स्थिति है और इस तरह की व्यवस्था में कोई बच्चा पानी कैसे पी सकता है। इस पर प्रधानाचार्य ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ चीजें बच्चों ने तोड़ दी हैं।बस फिर क्या था। गरिमा लोहिया ने इस जवाब पर भी सवाल खड़े कर दिए।
“बच्चों ने तोड़ दिया” जवाब पर जताई नाराजगी
वीडियो में गरिमा लोहिया प्रधानाचार्य से कहती नजर आती हैं कि जब भी किसी गड़बड़ी के बारे में पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है—“बच्चों ने तोड़ दिया।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर बच्चों ने कुछ तोड़ दिया है तो उसे ठीक करवाना और व्यवस्था दुरुस्त रखना आखिर किसकी जिम्मेदारी है? स्कूल में साफ-सफाई के लिए कर्मचारी आते हैं तो उनकी जिम्मेदारी क्या है? बच्चों को बेहतर वातावरण, साफ पानी और स्वच्छ परिसर उपलब्ध कराना स्कूल प्रशासन का कर्तव्य है।
उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया। कई लोगों ने उनकी सख्ती को प्रशासनिक जिम्मेदारी का बेहतर उदाहरण बताया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों का कहना है कि अधिकारी जब सीधे मौके पर पहुंचकर जवाब मांगते हैं तो लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई का दबाव बनता है।
सिर्फ फटकार नहीं, कार्रवाई भी की
गरिमा लोहिया का अंदाज केवल सवाल पूछने और फटकार लगाने तक सीमित नहीं रहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित मामले में कार्रवाई भी की। स्कूल के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार को शोकॉज नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल की रसोइया कुमारी रिंकी को बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, वार्डन हीना सिंह को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। यानी निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर प्रशासन ने केवल मौखिक नाराजगी नहीं जताई, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कदम भी उठाया।
यही वजह है कि गरिमा लोहिया की कार्यशैली की सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में व्यवस्था की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन जब कोई अधिकारी अचानक पहुंचकर बच्चों की बुनियादी सुविधाओं की जांच करे और मौके पर ही जवाबदेही तय करे तो मामला अलग नजर आता है।
सोशल मीडिया पर खूब हो रही तारीफ
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर गरिमा लोहिया के काम करने के तरीके की जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके लिए साफ पानी, साफ परिसर और बेहतर माहौल भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में किसी अधिकारी का इन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर ध्यान देना सराहनीय है।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि अधिकारी का काम केवल फाइलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच भी जरूरी है। गरिमा लोहिया के वायरल वीडियो में लोगों को यही बात सबसे ज्यादा पसंद आई कि उन्होंने किसी औपचारिक निरीक्षण की तरह केवल रिपोर्ट नहीं देखी, बल्कि खुद व्यवस्था को देखा और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
अब जब उनका तबादला बाढ़ से दरभंगा नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर हो गया है, तो उनके काम करने के इसी अंदाज की चर्चा और तेज हो गई है। लोग यह भी उम्मीद जता रहे हैं कि जिस तरह उन्होंने SDO रहते हुए स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया, उसी तरह दरभंगा नगर निगम में भी सफाई, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उनका अलग अंदाज देखने को मिल सकता है।
गरिमा लोहिया मूल रूप से बिहार की ही बक्सर जिले की रहने वाली है ऐसे में वह बिहार को काफी बेहतर तरीके से जानती और समझती है और यहाँ की भाषा को भी यह बेहतर तरीके से समझती है साथ ही साथ वह डीयू के किरोडीमल कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की। इन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर से ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर ias परीक्षा में सफलता हासिल की है।
कुल मिलाकर, 22 IAS अधिकारियों के तबादले की बड़ी सूची में गरिमा लोहिया का नाम केवल नई पोस्टिंग की वजह से नहीं, बल्कि तबादले से ठीक पहले किए गए उनके एक्शन के कारण भी सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल महिला SDO का यह बेबाक और जवाबदेही तय करने वाला अंदाज अब लोगों के बीच उनकी अलग पहचान बनाता नजर आ रहा है।