पटना/मोकामा: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच गंगा के जलस्तर को लेकर अब थोड़ी राहत वाली खबर सामने आ रही है। हाथीदह और पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) के ऊपर रहने के बावजूद अब नीचे उतरने का ट्रेंड दिखा रहा है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजा जलस्तर अपडेट के मुताबिक दोनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर पानी में करीब एक इंच की कमी दर्ज की गई है। जलस्तर में लगातार नरमी का यह रुझान अगर आगे भी जारी रहता है तो गंगा किनारे बसे इलाकों के लिए बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि, अभी स्थिति को पूरी तरह सामान्य मानना जल्दबाजी होगी। गंगा का पानी कई स्थानों पर खतरे के निशान से काफी ऊपर है और हाल के दिनों में नदी ने अपने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर के आसपास या उससे ऊपर तक दबाव बनाया है। इसलिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी लगातार जारी है।
हाथीदह में घटने लगा गंगा का पानी
मोकामा के हाथीदह गेज स्टेशन पर गंगा के जलस्तर को लेकर पिछले कुछ दिनों से विशेष नजर रखी जा रही है। यहां नदी का पानी HFL के पा पहुंच चुका था। ताजा अपडेट में अब जलस्तर में मामूली कमी दिखाई दे रही है। करीब एक इंच पानी नीचे उतरना भले ही बहुत बड़ी गिरावट नहीं है, लेकिन लगातार घटने का ट्रेंड बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
रविवार सुबह हाथीदह में गंगा का जलस्तर करीब 43.50 मीटर दर्ज किया गया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार यह स्तर हाथीदह के पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर के आसपास है और आने वाले दिनों में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई गई थी।अब अगर जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आती है और नदी का घटने का ट्रेंड कायम रहता है तो हाथीदह, मोकामा और इसके आसपास के दियारा क्षेत्रों में दबाव कम हो सकता है।
गांधी घाट पर भी दिखी राहत की उम्मीद
पटना के गांधी घाट पर भी गंगा का जलस्तर पिछले दिनों बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया था। यहां नदी का पानी पुराने HFL को पार कर चुका था। रविवार सुबह गांधी घाट पर जलस्तर 50.56 मीटर दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं हाथीदह में 43.50 मीटर पानी रिकॉर्ड किया गया।
गांधी घाट पर जलस्तर में मामूली कमी आने से पटना के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, नदी अभी भी सामान्य स्तर से काफी ऊपर है। ऐसे में जलस्तर में एक-दो इंच की कमी को बाढ़ से पूरी तरह राहत का संकेत नहीं माना जा सकता।
कुछ इंच की गिरावट क्यों है महत्वपूर्ण?
बाढ़ की स्थिति में नदी के जलस्तर में मामूली बदलाव भी महत्वपूर्ण होता है। लगातार कई घंटे या दिनों तक पानी का घटते रहना इस बात का संकेत हो सकता है कि नदी में ऊपर से आने वाले पानी का दबाव कम हो रहा है। लेकिन इसके लिए यह देखना जरूरी होगा कि अगले 12 से 24 घंटे में जलस्तर का ट्रेंड कैसा रहता है। अगर पानी लगातार नीचे जाता रहा तो तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है। वहीं दोबारा बारिश होने या ऊपर की नदियों से पानी आने की स्थिति में जलस्तर फिर बढ़ सकता है।
डाउनस्ट्रीम इलाकों पर अभी नजर
गांधी घाट पर गंगा के HFL पार करने के बाद जल संसाधन विभाग ने डाउनस्ट्रीम इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही थी। रिपोर्ट के अनुसार इसका असर अगले एक से तीन दिनों में हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे वाले इलाकों में विशेष निगरानी की जरूरत बताई गई थी।यही वजह है कि हाथीदह में पानी का घटता ट्रेंड राहत देने वाला जरूर है, लेकिन प्रशासन के लिए निगरानी कम करने का समय अभी नहीं आया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को कितनी राहत?
बिहार में गंगा समेत कई नदियों के उफान के कारण बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार राज्य के कई जिलों में राहत और बचाव अभियान जारी हैं तथा निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।गंगा के जलस्तर में अगर अगले कुछ घंटों और दिनों तक लगातार गिरावट बनी रहती है तो राहत अभियान में भी तेजी आ सकती है। जिन इलाकों में पानी का दबाव कम होगा, वहां लोगों की आवाजाही और आवश्यक सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य करने की संभावना बनेगी।
अभी राहत, लेकिन पूरी तरह खतरा टला नहीं
हाथीदह और गांधी घाट पर करीब एक इंच की गिरावट निश्चित तौर पर राहत का संकेत है। खासकर ऐसे समय में जब गंगा अपने उच्चतम स्तर के आसपास पहुंच चुकी है, लगातार नीचे उतरता पानी उम्मीद बढ़ाता है।फिर भी विशेषज्ञों और प्रशासन की नजर अगले कुछ दिनों के ट्रेंड पर रहेगी। क्योंकि नदी अभी भी बेहद ऊंचे स्तर पर है और बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का असर कायम है।फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि हाथीदह और गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के बजाय धीरे-धीरे नीचे उतरता दिखाई दे रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।वेबसाइट के लिए सुझाया गया SEO हेडलाइन:गंगा का पानी अब उतरने लगा! हाथीदह-गांधी घाट पर करीब 1 इंच कमी, लगातार घट रहा जलस्तर; बाढ़ के बीच राहत के संकेत