PATNA: पटना के होटल चाणक्य में फर्स्ट बिहार आयोग्य एक्सीलेंस अवॉर्ड 2.0 का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में बिहार के कई नामी डॉक्टरों ने शिरकत किया। डिजिटल न्यूज चैनल फर्स्ट बिहार के इस कॉन्क्लेव में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ग्रामीण विकास-सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्रवण कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहें। पटना के होटल चाणक्य में आयोजित इस कॉन्क्लेव में आए अतिथियों का फर्स्ट बिहार-झारखंड के चैनेल हेड कुमार प्रबोध ने स्वागत किया।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने फर्स्ट बिहार के कॉन्क्लेव में मौजूद डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि आप मानवता की सेवा करने वाले सच्चे कर्मयोगी है। चिकित्सक को भगवान का रूप माना गया है। संकट के घड़ी में मरीज की जीवन को बचाने का काम आप लोग ही करते हैं।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। नये अस्पतालों की स्थापना हो रही है। 2005 में मुझे सरकार में शामिल होने का मौका मिला था। नीतीश कुमार की अगुआई में बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी। नीतीश कुमार के समय स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत बेहतर काम हुआ था। उस समय इलाज कराने के लिए गरीबों के पास साधन नहीं होता था।
उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष शुरू की गयी थी। जिससे बड़ी संख्या में विधायकों की अनुशंसा पर बिहार के मरीजों को सुविधा मिल रहा था। 2018 में नरेंद्र मोदी की सरकार गरीबों के स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू की। केंद्र और राज्य की सरकार के द्वारा काफी बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल बेहतर अस्पताल बनाना ही नहीं होना चाहिए बल्कि स्वस्थ बिहार सशक्त और विकसित बिहार का निर्माण करना होना चाहिए। इसलिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। एक समय था बिहार के लोग दिल्ली एम्स में इलाज कराने जाते थे, बिहार में एक भी एम्स नहीं था, अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार जब आई तब पहला एम्स पटना में आया. मोदी जी की सरकार आई है तो दूसरा एम्स दरभंगा में बनना शुरू हो गया है।
प्रेम कुमार ने कहा कि हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि गुणवत्ता पूर्ण सुलभ और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से एक स्वस्थ समाज का निर्माण करेंगे और बिहार को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने का प्रयास करेंगे। स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
वहीं कॉन्क्लेव में शामिल डॉक्टरों को संबोधित करते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य को ठीक करना ही हमारा मकसद है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की तबीयत ठीक नहीं थी, इसके बावजूद उन्होंने फर्स्ट बिहार के इस कॉन्क्लेव में आने का फैसला लिया। इस दौरान उन्होंने मंच से डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है, उसे ईमानदारी से निभाने की कोशिश कर रहा हूं और बिहार की जनता को एक बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में प्रतिबद्ध हूं। निशांत कुमार वहां मौजूद डॉक्टरों से कहा कि हमलोग को मिलकर एक बेहतर स्वास्थ्य सेवा बिहार की जनता को प्रदान करना है और सिस्टम को ठीक करना है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सुशासन और न्याय के साथ विकास पर टिकी है, पिछले बीस वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दशा सुधारने से लेकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के निर्माण तक सब जरूरी काम मेरे पिता जी नीतीश कुमार के नेतृत्व में किये गये। हमारे पास एक मजबूत आधार पहले से तैयार है, बस उसी आधार का उपयोग करके हमें सात निश्चय के संकल्प को पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद मैंने स्वास्थ्य विभाग को समझा। बैठकें की और लोगों से मिला जिसके बाद मैं इस निष्कर्ष तक पहुंचा कि हमें स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य को ठीक करना है, कैंसर के इलाज में और भी विस्तार करना चाहता हूं। हमारा विभाग निरंतर प्रयासरत है कि जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा दें। सभी सदर अस्पतालों में सिटी स्कैन की सुविधा बहाल की गई है। कई अस्पतालों को हम ट्रामा सेंटर के रूप में डेवलप कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है उसे मैं इमानदारी से निभाने की कोशिश कर रहा हूं।