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02-Apr-2026 12:01 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। ढाका विधानसभा क्षेत्र से विधायक फैसल रहमान ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में उन्हें बिहार विधानमंडल की गैर-सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति का सभापति बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नए सियासी संकेतों को जन्म दे दिया है।
फैसल रहमान, जो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से ढाका विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। खासकर राज्यसभा चुनाव के दौरान उनकी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं। आरोप लगाए गए थे कि वे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को वोट देने के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। इसी कारण उनके ऊपर पार्टी विरोधी गतिविधियों और “बागी रुख” अपनाने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव के बाद से ही यह माना जा रहा था कि फैसल रहमान और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके राजनीतिक व्यवहार और कुछ फैसलों को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा बनी रही। इसी बीच उन्हें विधानसभा की महत्वपूर्ण समिति का सभापति बनाए जाने को भी राजनीतिक रूप से एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हुई उनकी मुलाकात ने इन चर्चाओं को और अधिक हवा दे दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ राजनीतिक समीकरण भी हो सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात के एजेंडे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ विधानसभा के कार्य संचालन और क्षेत्रीय समस्याओं पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे “सियासी संदेश” के रूप में भी देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में गठबंधन राजनीति लगातार बदलते समीकरणों के दौर से गुजर रही है।
फैसल रहमान को समिति का सभापति बनाए जाने के बाद यह उनकी पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधियों में से एक मानी जा रही है, जो सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ी हुई है। इस वजह से यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विपक्षी खेमे में भी इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजद के भीतर पहले से ही कई स्तरों पर असंतोष और मतभेद की खबरें आती रही हैं, और ऐसे में इस तरह की मुलाकातें पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को और अधिक जटिल बना सकती हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार की राजनीति में इस तरह की मुलाकातें अक्सर आने वाले समय के बड़े संकेत देती हैं। अब देखना यह होगा कि फैसल रहमान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस मुलाकात का राजनीतिक असर आगे किस रूप में सामने आता है।