पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में सिवान में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ के खिलाफ चल रही जांच में एक नया और अहम खुलासा सामने आया है। जांच के दौरान पता चला है कि उन्होंने अपनी पत्नी पूनम देवी के नाम पर करीब 25 लाख रुपये की इनोवा क्रिस्टा बुक कराई थी। अब यह खरीदारी भी ईओयू की जांच के दायरे में आ गई है।


सूत्रों के मुताबिक, अंकेश कुमार गोंड़ ने 1 जून 2020 को राजधानी पटना स्थित बुद्ध मोटर्स से अपनी पत्नी के नाम पर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा की बुकिंग कराई थी। बुकिंग के समय उन्होंने 11 हजार रुपये नकद टोकन मनी के रूप में जमा किए थे। दस्तावेजों के अनुसार, इस गाड़ी की कुल कीमत 25 लाख 7 हजार 395 रुपये दर्ज की गई थी। बुकिंग फॉर्म में उन्होंने अपना पता दानापुर के सुल्तानपुर इलाके का उल्लेख किया था।


ईओयू की जांच में इस लग्जरी वाहन की खरीद को भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी महंगी गाड़ी खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या था और क्या यह उनकी घोषित आय के अनुरूप थी या नहीं। चूंकि वाहन पत्नी के नाम पर बुक कराया गया था, इसलिए जांच अधिकारी इससे जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेजों और भुगतान के स्रोत की भी पड़ताल कर रहे हैं।


गौरतलब है कि गुरुवार को आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने पटना, मुंगेर और सिवान में स्थित अंकेश कुमार गोंड़ के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाई गई है, जिनकी जांच जारी है।


ईओयू के अनुसार, सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड़ ने अपनी ज्ञात आय की तुलना में करीब 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उनकी वैध आय से लगभग 201.97 प्रतिशत अधिक है। प्रारंभिक जांच में मिले इन तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।


जांच एजेंसी अब उनकी चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ महंगी गाड़ियों, बैंक खातों, निवेश, बीमा पॉलिसी और परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है। विशेष रूप से पत्नी के नाम पर बुक कराई गई इनोवा क्रिस्टा को लेकर यह पता लगाया जा रहा है कि इसकी पूरी भुगतान प्रक्रिया कैसे हुई और इसमें किस खाते का इस्तेमाल किया गया।


ईओयू अधिकारियों का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में अक्सर महंगी गाड़ियों और अचल संपत्तियों के जरिए निवेश किया जाता है। ऐसे में इनोवा क्रिस्टा की बुकिंग से जुड़े दस्तावेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। यदि जांच में भुगतान का स्रोत संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो इसे भी आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य के रूप में शामिल किया जा सकता है।


फिलहाल ईओयू की कार्रवाई जारी है और छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।