EOU Raid : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता पवन कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज मामले की जांच के दौरान पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली समेत छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण विभाग में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई थाना में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी को मिले प्रारंभिक साक्ष्यों में करोड़ों रुपये की ऐसी संपत्ति का पता चला है, जिसका आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं बैठ रहा है।
ईओयू द्वारा की गई जांच में यह सामने आया है कि अभियंता के पास लगभग 3.89 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति होने के संकेत मिले हैं, जिसे जांच एजेंसी ने प्रथम दृष्टया आय से अधिक माना है। यह राशि उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 103 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है। इसी आधार पर विशेष निगरानी न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई शुरू की गई।
बुधवार सुबह से ही आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दस्तक दी। पटना के श्रीकृष्णपुरी स्थित आवास, कार्यालय परिसर, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी स्थित मकान, नोएडा के सेक्टर-75 स्थित फ्लैट सहित अन्य परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया। इसके अलावा दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान टीम दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों की टीम संपत्ति के स्रोत और निवेश के दस्तावेजों का मिलान भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्ति अर्जित करने में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं।
आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हाल के वर्षों में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में यह छापेमारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल सभी छह ठिकानों पर तलाशी जारी है और अधिकारियों की टीम दस्तावेजों को खंगालने में जुटी हुई है। आर्थिक अपराध इकाई ने संकेत दिए हैं कि तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद विभागीय और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर ईओयू की अंतिम रिपोर्ट और जांच के अगले चरण पर टिकी हुई है।