ब्रेकिंग न्यूज़

Patna Metro : 26 मार्च को पटना मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन संभव, चार स्टेशनों के बीच शुरू होगा सफर बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ RTO online services : घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस! RTO जाने की झंझट खत्म, मिनटों में पूरा होगा प्रोसेस बिहार में भगवान भी सुरक्षित नहीं: हनुमान मंदिर से लाखों के गहने चोरी, चांदी का गदा और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए चोर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप

Home / bihar / patna-news / bihar chunav 2025 : 6 अक्टूबर के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा,...

bihar chunav 2025 : 6 अक्टूबर के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा, आयोग ने CS को लिखा लेटर

bihar chunav 2025 : चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार के महकमों को छह अक्टूबर तक सरकारी पदाधिकारियों और कर्मियों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

25-Sep-2025 08:44 AM

By First Bihar

bihar chunav 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में बिहार चुनाव आयोग ने राज्य सरकार के सभी महकमों को 6 अक्टूबर तक अधिकारियों और कर्मियों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करने का सख्त निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसी दिन तक तबादला एवं पदस्थापन से संबंधित रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। इस कदम से यह संकेत साफ है कि विधानसभा चुनाव की आधिकारिक घोषणा 6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में आयोग की टीम कभी भी बिहार का दौरा कर सकती है।


दरअसल, आयोग पहले ही चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण तथा पदस्थापन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। निर्देशों के मुताबिक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की तैनाती उनके गृह जिले में नहीं की जाएगी। साथ ही, यदि 30 नवंबर तक या उससे पहले किसी कर्मी का कार्यकाल तीन साल या उससे अधिक का हो रहा है तो उनका अनिवार्य रूप से तबादला किया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने बुधवार को इस संबंध में बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी अपर मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, प्रधान सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर 6 अक्टूबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इसमें साफ कहा गया है कि आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।


निर्देशों का असर केवल चुनावी कार्यों से सीधे जुड़े पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी, तहसीलदार, जिला स्तर के अपर समाहर्ता और अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी। प्रमंडलीय आयुक्त, नगर आयुक्त और नगर निगम से जुड़े अधिकारियों का भी स्थानांतरण आयोग के आदेशों के अनुसार किया जाएगा।


पुलिस विभाग में भी आयोग की सख्ती देखने को मिलेगी। अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक से लेकर जिले में तैनात इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों तक पर यह आदेश लागू होगा। हालांकि कंप्यूटराइजेशन, स्पेशल ब्रांच और प्रशिक्षण से जुड़े पुलिस कर्मियों को इससे छूट दी गई है। वहीं, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यदि तीन साल से अधिक समय तक एक ही स्थान पर तैनात हैं, तो उनका तबादला भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।


चुनाव आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में एक अहम पहल है। लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रभाव से मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही गृह जिले में तैनाती पर रोक से यह सुनिश्चित होगा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण गतिविधि न हो।


विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग का यह निर्देश प्रशासनिक मशीनरी को चुनाव के समय निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है। इससे मतदाताओं का भरोसा भी बढ़ेगा और चुनावी माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। अब देखना यह होगा कि 6 अक्टूबर तक राज्य सरकार इस व्यापक तबादला प्रक्रिया को किस तरह से अंजाम देती है और आयोग को रिपोर्ट सौंपती है।