Bihar ration : बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में नए मंत्री का पदभार संभालते ही अशोक चौधरी ने जनहित से जुड़े कई बड़े संकेत दिए हैं। विभाग का कार्यभार ग्रहण करने के बाद मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले समय में 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों तक पांच किलो अनाज की होम डिलीवरी की व्यवस्था पर विचार कर सकती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह अभी शुरुआती सोच है और इसे लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीर चर्चा की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी के कार्यभार संभालने के दौरान जेडीयू के प्रदेश महासचिव रंजीत कुमार झा समेत कई अन्य शुभचिंतक मौजूद थे.
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जब वह विभाग जॉइन करने आ रहे थे, तभी उनके मन में यह विचार आया कि क्या बुजुर्गों तक राशन घर पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के खर्च, व्यवस्था और व्यवहारिकता पर विभागीय स्तर पर चर्चा होगी। जरूरत पड़ी तो पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक-दो जिलों या ब्लॉकों में लागू कर देखा जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह सरकार का जनता के प्रति अच्छा भाव होगा। खासकर उन लोगों के लिए जो ज्यादा उम्र के हैं और राशन लेने खुद नहीं जा सकते। लेकिन इसे लागू करने से पहले यह देखना होगा कि खर्च कितना आएगा और व्यवस्था कैसे बनेगी।”
मंत्री ने अपने विभागीय सचिव की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सचिव एक “डायनेमिक, ब्रिलियंट और पॉजिटिव ऑफिसर” हैं और मंत्री तथा सचिव विभाग रूपी रथ के दो पहिए होते हैं। यदि दोनों के बीच तालमेल अच्छा हो तो विभाग बेहतर तरीके से काम करता है। उन्होंने कहा कि अपने पिछले कार्यकालों में भी उन्होंने अधिकारियों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखे, जिसका फायदा विभाग को मिला।
मंत्री ने कहा कि किसी भी विभाग की सफलता केवल मंत्री पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पूरी टीम के समन्वय से बेहतर परिणाम आते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली को लेकर टीम के साथ बैठकर विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री से भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब समेत कई राज्यों में धान खरीद की बेहतर व्यवस्था है। बिहार में भी क्या-क्या बेहतर किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा। राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाले सहयोग पर भी मंथन होगा।
इस दौरान जब पत्रकारों ने राशन वितरण में गड़बड़ी और कम अनाज देने की शिकायतों को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री ने माना कि इतने बड़े सिस्टम में कुछ धूर्त लोग जरूर होते हैं। उन्होंने कहा, “हर पंचायत में कई PDS दुकानें हैं। इतने बड़े सिस्टम में कुछ लोग गलत काम करते होंगे, लेकिन अब ऐसे लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। आने वाले समय में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
कालाबाजारी पर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि अभी विभाग का पहला दिन है और उन्हें पहले पूरे सिस्टम को समझने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें 15 दिन या एक महीने का समय दिया जाए, इसके बाद वह विस्तार से सभी सवालों का जवाब देंगे।
मंत्री के इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि बिहार सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर सकती है। खासकर बुजुर्गों तक घर-घर राशन पहुंचाने की योजना अगर लागू होती है, तो यह राज्य में एक नई पहल मानी जाएगी।