Train News : पूर्व मध्य रेल (ECR) के उन स्टेशनों की सूची सामने आई है, जो रेलवे के लिए सबसे अधिक राजस्व जुटाने वाले प्रमुख कोचिंग स्टेशनों में शामिल हैं। जनवरी 2026 से जून 2026 तक के TAMS/CBS डेटा के आधार पर तैयार इस सूची में पूर्व मध्य रेल के 50 स्टेशनों को शामिल किया गया है। सूची में बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन जगह बनाने में सफल रहे हैं।
राजस्व के मामले में पटना जंक्शन ने सबसे ऊपर रहते हुए पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद दानापुर दूसरे और मुजफ्फरपुर जंक्शन तीसरे स्थान पर है। वहीं धनबाद जंक्शन ने चौथा स्थान हासिल कर टॉप-5 में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। यह रैंकिंग इस बात का संकेत देती है कि इन स्टेशनों से रेलवे को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त हो रहा है।
पटना सबसे आगे, दानापुर और मुजफ्फरपुर भी टॉप-3 में
पूर्व मध्य रेल की जारी सूची के मुताबिक पटना जंक्शन (PNBE) पहले पायदान पर है। इसके बाद दानापुर (DNR) दूसरे और मुजफ्फरपुर जंक्शन (MFP) तीसरे स्थान पर है। चौथे नंबर पर धनबाद जंक्शन (DHN) है। पांचवें स्थान पर दरभंगा जंक्शन को जगह मिली है। इसके बाद गया जंक्शन छठे, डीडीयू जंक्शन सातवें और समस्तीपुर जंक्शन आठवें स्थान पर हैं। सहरसा जंक्शन नौवें और राजेंद्र नगर दसवें स्थान पर है। सूची में आरा, बरौनी, बक्सर, जयनगर और हाजीपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन भी शामिल हैं।
धनबाद मंडल के कई स्टेशन टॉप-50 में
इस सूची में धनबाद मंडल के कई स्टेशनों ने भी अपनी जगह बनाई है। धनबाद जंक्शन चौथे स्थान पर है, जबकि कोडरमा 16वें स्थान पर है। इसके अलावा डाल्टनगंज 26वें, गोमो जंक्शन 39वें, पारसनाथ 43वें, गढ़वा रोड 48वें और हजारीबाग रोड 49वें स्थान पर हैं। यानी धनबाद मंडल के कुल कई प्रमुख स्टेशन टॉप-50 में शामिल हैं। इससे इस रेल मंडल के प्रमुख यात्री स्टेशनों की व्यावसायिक अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बिहार के कई बड़े स्टेशन सूची में
राजस्व देने वाले शीर्ष स्टेशनों की सूची में बिहार के कई प्रमुख रेलवे स्टेशन शामिल हैं। पटना जंक्शन और दानापुर के अलावा गया जंक्शन, राजेंद्र नगर, आरा, बरौनी, बक्सर, जयनगर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, खगड़िया, रक्सौल, सीतामढ़ी, बेगूसराय, बेतिया, पूर्णिया कोर्ट, किऊल, सोनपुर, नरकटियागंज, मानसी, पाटना सिटी, नौगछिया, झाझा, मधुबनी, बख्तियारपुर, राजगीर, सुपौल, सगौली, जमुई, सकरी, चकिया, मोकामा और लखीसराय जंक्शन जैसे स्टेशन भी इस सूची में हैं। खास बात यह है कि मोकामा जंक्शन 47वें स्थान पर है, जबकि लखीसराय जंक्शन 50वें स्थान पर है। वहीं पाटलिपुत्र 17वें और पाटना सिटी 33वें स्थान पर दर्ज है।
रेलवे के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सूची?
TAMS/CBS डेटा पर आधारित यह सूची रेलवे के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे यह पता चलता है कि अलग-अलग स्टेशनों का राजस्व में कितना योगदान है। किसी स्टेशन की रैंकिंग बेहतर होने का मतलब उसके यात्री और ट्रेन संचालन से जुड़े राजस्व योगदान का महत्वपूर्ण होना है।
जनवरी से जून 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित इस सूची में अनुमान के बजाय रेलवे के उपलब्ध TAMS/CBS डेटा का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में यह पूर्व मध्य रेल के प्रमुख राजस्व देने वाले स्टेशनों की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा सकता है।
कुल मिलाकर, पटना जंक्शन का नंबर वन रहना और धनबाद जंक्शन का चौथे स्थान पर पहुंचना इस सूची की सबसे बड़ी खासियत है। वहीं बिहार और झारखंड के दर्जनों प्रमुख स्टेशनों की मौजूदगी बताती है कि पूर्व मध्य रेल के राजस्व ढांचे में इन स्टेशनों की भूमिका कितनी अहम है।