PATNA: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक से पहले विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जून माह में वंचित तबके के लोगों के लिए ‘अभियान बसेरा’ के तहत राज्यव्यापी एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पोर्टल आधारित होगी। अब तक राजस्व कर्मचारी सर्वे कर डेटा उपलब्ध कराते थे, लेकिन नई व्यवस्था में लोगों से सीधे ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि राज्यभर में सरकारी जमीन की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। साथ ही खासमहल जमीन की पहचान के लिए जिलावार आंकड़ा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खासमहल श्रेणी की जमीन से संबंधित किसी भी कार्रवाई का अधिकार अंचल अधिकारियों को नहीं होगा।
ऑनलाइन सेवाओं को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भू अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन भू अभिलेख जारी नहीं किया जाएगा। यदि इस संबंध में शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व कार्यालयों में कार्य प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने के लिए राजस्व लिपिक संवर्ग के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही राजस्व कर्मचारी और अमीन के रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।
अंचल कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए समेकित रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करने को कहा गया। विभाग में स्वच्छ एवं पारदर्शी वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलग आर्थिक अपराध इकाई सेल गठित करने की आवश्यकता जताते हुए तीन दिनों के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
मंत्री ने कहा कि पूरा विभाग अब सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित हो गया है, इसलिए आईटी सेल को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने बिहारभूमि पोर्टल से संबंधित मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उसकी क्षमता बढ़ाने और तकनीकी समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया।
बैठक में जगह की कमी का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने कहा कि जल्द ही राजस्व भवन निर्माण की दिशा में कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही भू अर्जन निदेशालय और बिहार भूमि न्यायाधिकरण में रिक्त पदों एवं लंबित कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। आज की अहम बैठक में भू अभिलेख निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।