Bihar News : बिहार सरकार ने राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विभागीय मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गया, जहानाबाद और औरंगाबाद जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएं और जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, क्योंकि सरकार की प्राथमिकता लोगों को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं प्रदान करना है।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, राजस्व महा-अभियान, लोक शिकायत और न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी की जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 15 दिनों के बाद जिलों की दोबारा चरणबद्ध समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों में अपेक्षित प्रगति और सुधार नहीं दिखाई देगा, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करना सरकार की प्राथमिकता है और कार्य में लापरवाही बरतने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने भी अधिकारियों को लंबित मामलों की सूची के आधार पर प्राथमिकता तय कर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समय सीमा का कड़ाई से पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, किसान पंजीकरण और आरसीएमएस के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को पूरी तरह लागू कर कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए तथा लोगों की शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि सरकार चाहती है कि राजस्व विभाग की सेवाएं अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनें। इसके लिए सभी स्तरों पर अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दक्षता और समयबद्ध कार्य संस्कृति ही जनता का भरोसा मजबूत कर सकती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों के अलावा जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी शामिल हुए। वहीं राजस्व मुख्यालय में विभाग की वरिष्ठ अधिकारी टीम ने भी बैठक में भाग लिया और विभिन्न योजनाओं एवं लंबित मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में राजस्व मामलों की निगरानी और अधिक सख्ती से की जाएगी ताकि आम लोगों को त्वरित न्याय और बेहतर सेवाएं मिल सकें।