Bihar Daroga Bharti : बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की जांच अब और गहराती जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) से परीक्षा केंद्रों पर हुई गड़बड़ियों को लेकर कई बिंदुओं पर जवाब मांगा था। आयोग ने जांच एजेंसी को अपनी रिपोर्ट और कुछ जरूरी दस्तावेज सौंप दिए हैं। इनमें पूर्णिया और गया जी के परीक्षा केंद्रों पर हुई कथित अनियमितताओं को लेकर आयोग की ओर से की गई कार्रवाई और केंद्रों के CCTV फुटेज भी शामिल हैं।


हालांकि, जांच से जुड़े EOU सूत्रों के मुताबिक आयोग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद भी कई सवालों के जवाब पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुए हैं। यही वजह है कि SIT अब आयोग के जवाबों का बिंदुवार अध्ययन कर रही है। रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों और आयोग की ओर से की गई कार्रवाई का सत्यापन भी किया जा रहा है।


3 और 8 सितंबर को मांगी गई थी जानकारी

दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर EOU की SIT ने 3 सितंबर को BPSSC को पत्र भेजकर कई अहम जानकारियां मांगी थीं। इसके बाद 8 सितंबर को भी आयोग से कुछ बिंदुओं पर जवाब तलब किया गया। आयोग की ओर से अब इन सवालों के जवाब उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन जांच एजेंसी के सामने अभी कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब पूरी तरह संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।SIT ने विशेष रूप से उन परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी थी, जहां परीक्षार्थियों के बीच गड़बड़ी या अनियमितता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके साथ ही संबंधित केंद्रों के CCTV फुटेज भी जांच एजेंसी ने मांगे थे।


टॉप-20 परीक्षा केंद्रों पर भी नजर

जांच में सबसे अहम बिंदुओं में से एक उन परीक्षा केंद्रों का है, जहां परीक्षार्थियों के अनुपात में असामान्य रूप से ज्यादा अभ्यर्थियों के सफल होने की शिकायत मिली थी।EOU ने ऐसे टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की सूची मांगी थी, जहां सबसे बेहतर रिजल्ट रहा। इसके अलावा उन 20 केंद्रों का ब्योरा भी मांगा गया है, जहां क्रमवार रोल नंबर वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सफल हुए हैं।सूत्रों के मुताबिक, टॉप-20 केंद्रों से संबंधित पूरी जानकारी अभी EOU को नहीं मिली है। यही जानकारी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी खास परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के असामान्य रूप से बेहतर प्रदर्शन के पीछे कोई पैटर्न तो नहीं था।


पूर्णिया और गया जी के केंद्र जांच के घेरे में

दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों में पूर्णिया और गया जी के परीक्षा केंद्र जांच के प्रमुख बिंदु बने हुए हैं। पूर्णिया के साइबर थाना और गया जी के रामपुर थाना में दर्ज FIR से संबंधित परीक्षा केंद्रों की जानकारी भी SIT ने मांगी है।इसके अलावा जिन केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, उन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है। EOU ने संबंधित परीक्षा केंद्रों के तत्कालीन केंद्राधीक्षक, वीक्षक, बायोमेट्रिक कर्मी और जैमर कर्मियों की सूची भी मांगी है। जांच एजेंसी इन लोगों की भूमिका के साथ-साथ उनके बैकग्राउंड की भी पड़ताल कर सकती है। साथ ही पूर्णिया और गया जी में दर्ज मामलों के आधार पर परीक्षा केंद्रों से जुड़े संभावित लिंक की तलाश भी की जा रही है।


CCTV फुटेज से खुलेंगे कई राज?

आयोग की ओर से परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज उपलब्ध कराए जाने के बाद SIT के सामने अब परीक्षा के दौरान की गतिविधियों को सीधे देखने का रास्ता खुल गया है। जांच टीम यह देख सकती है कि परीक्षा के दौरान किसी केंद्र पर नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। खास तौर पर उन केंद्रों के फुटेज महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जहां परीक्षार्थियों की ओर से शिकायत की गई थी या जिन केंद्रों से संबंधित FIR दर्ज हुई है। CCTV फुटेज, परीक्षा कर्मियों की सूची और अभ्यर्थियों के रिजल्ट पैटर्न को आपस में मिलाकर जांच किए जाने की संभावना है।


अभी तक पेपर लीक का प्रमाण नहीं

इस पूरे मामले में EOU की जांच का एक अहम निष्कर्ष यह है कि अब तक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि, जांच एजेंसी पूर्णिया में एक शिक्षक द्वारा WhatsApp के माध्यम से पटना भेजी गई प्रश्नपत्र की कॉपी और गया जी में परीक्षा के दौरान सामने आए डिजिटल प्रमाणों की भी जांच कर रही है।SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं का किसी परीक्षा माफिया या दूसरे लोगों से कोई संबंध था या नहीं।

फिलहाल BPSSC की रिपोर्ट का अध्ययन जारी है। आयोग के जवाबों का सत्यापन पूरा होने के बाद EOU आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी। ऐसे में अब जांच की नजर CCTV फुटेज, टॉप-20 परीक्षा केंद्रों के रिजल्ट पैटर्न, परीक्षा कर्मियों की भूमिका और डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इन बिंदुओं की जांच से दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की तस्वीर और साफ हो सकती है।