Bihar News : पटना के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर है। दानापुर कैंट से मनेर होते हुए बिहटा तक जाने वाली व्यस्त सड़क अब और चौड़ी होगी। मौजूदा करीब सात मीटर चौड़ी सड़क को बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा। करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होने और जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।


इस परियोजना की सबसे खास बात दानापुर-बिहटा मार्ग का निर्माणाधीन शेरपुर-दिघवारा छह लेन गंगा पुल से सीधा जुड़ाव है। दोनों परियोजनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर तैयार करने की योजना है। इससे उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। खासकर सारण, छपरा और उत्तर बिहार से आने-जाने वाले वाहनों को पटना शहर के भीतर से होकर गुजरने की जरूरत कम हो सकती है।


पथ निर्माण विभाग की ओर से सड़क चौड़ीकरण की परियोजना तैयार की गई है। करीब 82 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना को लगभग डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल परियोजना टेंडर प्रक्रिया में है और अगले महीने से सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होने की संभावना है।


दानापुर कैंट से मनेर और बिहटा के बीच मौजूदा सड़क पर लगातार वाहनों का दबाव रहता है। सड़क की चौड़ाई कम होने और आसपास तेजी से बढ़ती आबादी के कारण कई जगह यातायात प्रभावित होता है। सड़क के 10 मीटर चौड़े होने के बाद वाहनों को ज्यादा जगह मिलेगी और आवाजाही पहले के मुकाबले सुगम होने की उम्मीद है।


शेरपुर-दिघवारा छह लेन गंगा पुल से जुड़ाव इस पूरे प्रोजेक्ट को और महत्वपूर्ण बना देता है। निर्माणाधीन यह पुल पटना रिंग रोड परियोजना का अहम हिस्सा है और इसका करीब 70 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। पुल के तैयार होने के बाद उत्तर बिहार से आने वाले वाहनों के लिए दानापुर-बिहटा मार्ग एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी रूट बन सकता है।


नई व्यवस्था का फायदा उन वाहन चालकों को भी मिल सकता है जिन्हें बिहटा से आगे आरा और बक्सर की तरफ जाना होता है। उत्तर बिहार या सारण क्षेत्र से आने वाले वाहन शेरपुर-दिघवारा पुल के रास्ते दानापुर-बिहटा रोड तक पहुंचकर आगे दक्षिण-पश्चिम बिहार की ओर जा सकेंगे। इससे पटना शहर में प्रवेश किए बिना लंबी दूरी की यात्रा करना आसान हो सकता है।


इससे पटना शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर भारी वाहनों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। शहर के भीतर से गुजरने वाले वाहनों की संख्या घटने पर प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था को भी राहत मिल सकती है।


सड़क चौड़ीकरण का असर दानापुर, मनेर और बिहटा के आसपास के रिहायशी इलाकों पर भी पड़ेगा। दानापुर स्टेशन की ओर आवागमन आसान होने के साथ ही दानापुर से बिहटा के बीच यात्रा में लगने वाला समय कम हो सकता है। वाहनों के सुचारू रूप से चलने पर ईंधन की खपत में भी कमी आने की संभावना है।


बेहतर सड़क संपर्क का असर बिहटा और मनेर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। इन इलाकों में तेजी से रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। गंगा पुल से सीधा संपर्क मिलने के बाद औद्योगिक इकाइयों, कारोबार और माल ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।


फिलहाल सड़क चौड़ीकरण की परियोजना टेंडर प्रक्रिया में है। काम शुरू होने के बाद निर्माण की रफ्तार और यातायात प्रबंधन पर भी नजर रहेगी। अगर दानापुर-मनेर-बिहटा सड़क और शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल निर्धारित योजना के अनुसार तैयार होते हैं, तो पटना के पश्चिमी हिस्से के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।