TTE Body Camera: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के दानापुर मंडल ने टिकट जांच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) टिकट जांच के दौरान बॉडी कैमरा पहनेंगे, जिससे पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत हुई शुरुआत
इस नई व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटना स्क्वाड-02 को पांच बॉडी कैमरे उपलब्ध कराकर की गई है। इन कैमरों का उपयोग शुक्रवार से शुरू हो गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह केवल ट्रायल नहीं बल्कि टिकट जांच व्यवस्था के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक अहम पहल है।
विवादों के निपटारे में मिलेगी मदद
बॉडी कैमरों के इस्तेमाल से टिकट जांच के दौरान होने वाली पूरी कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे यात्रियों और टिकट जांच कर्मियों के बीच किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में निष्पक्ष जांच करना आसान होगा। वीडियो रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम करेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
तकनीक से होगी अधिक प्रभावी टिकट जांच
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अब तक टिकट जांच से जुड़े मामलों में मुख्य रूप से लिखित रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पर निर्भर रहना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वास्तविक घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा, जिससे जांच अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनेगी।
ट्रायल के बाद सभी TTE को मिलेंगे बॉडी कैमरे
पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में दानापुर मंडल के सभी टिकट जांच कर्मियों को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे टिकट जांच प्रणाली पूरी तरह तकनीक आधारित, आधुनिक और अधिक पारदर्शी बन सकेगी।