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Danapur Bihta Koilwar Elevated Corridor: पटना को जाम से मिलेगी मुक्ति, दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर का काम हुआ तेज; जानिए.. कब पूरा होगा?

Danapur Bihta Koilwar Elevated Corridor: दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एनएचएआई के अनुसार यह महत्वाकांक्षी परियोजना जून 2027 तक पूरी कर ली जाएगी।

29-Jan-2026 08:06 AM

By FIRST BIHAR

Danapur Bihta Koilwar Elevated Corridor: दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना जून 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। अब तक कॉरिडोर का करीब 45 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 55 प्रतिशत कार्य को तय समयसीमा के भीतर तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक अरबिन्द कुमार ने दी। वे बुधवार को दानापुर स्थित परियोजना स्थल के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। अरबिन्द कुमार ने बताया कि लगभग 25 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर करीब 1969 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पटना और पश्चिमी बिहार के बीच यातायात को सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है।


परियोजना शुरू होने से पहले इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव रहता था और रोजाना लंबे जाम की समस्या आम थी। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र, मरीज, व्यापारी और परिवहन से जुड़े लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने से इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


परियोजना निदेशक ने बताया कि इस कॉरिडोर से बिहटा एयरपोर्ट को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे पूरे इलाके के विकास को नई गति मिलेगी।


उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सीमित जगह के भीतर निर्माण करना, पुराने यातायात को सुचारू बनाए रखना और मौसम की बाधाएं बड़ी चुनौती रहीं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।


अरबिन्द कुमार ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और परियोजना टीम के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है। समस्याओं का समय पर समाधान किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो रहा है। एनएचएआई का दावा है कि तय समय पर परियोजना पूरी कर ली जाएगी, जिससे पटना और पश्चिमी बिहार की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी।