PATNA :  इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा है कि कोरोना काल के बाद वह फिर से जनता दरबार की शुरुआत करेंगे और लोगों से डायरेक्ट फीडबैक लेंगे. बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर सातवीं वार शपथ लेने के बाद ही मुख्यमंत्री ने इस बात का एलान किया था कि वह एक बार जनता दरबार कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले हैं.


बिहार में कोरोना संक्रमण के सक्रीय मामले बहुत कम हैं लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए सीएम ने जनता दरबार के कार्यक्रम को फिलहाल के लिए टालने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा है कि कोरोना काल के बाद ही वह लोगों से सीधा संवाद शुरू कर पाएंगे. कोरोना काल के बाद एक बार फिर सीएम आवास में जनता दरबार जमेगा, जिसमें मुख्यमंत्री जनता से डायरेक्ट फीडबैक लेंगे.


मंगलवार को नीतीश कुमार ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर कहा कि वैक्सीनेशन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा. उसके बाद उसके बाद पुलिस कर्मी, जनप्रतिनिधि से लेकर तमाम सरकारी कर्मियों को दिया जायेगा. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वैसे लोग जो कोरोना से पीड़ित हैं, उन्हें भी तत्काल वैक्सीन दी जाएगी. 55 साल से ऊपर के लोगों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी.


हम आपको बता दें कि 2005 में सत्ता में आने के बाद जनता की परेशानियों और समस्याओं को सुनने के लिए नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में मुख्यमंत्री नाम से कार्यक्रम की शुरआत की थी. पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में बड़ी संख्या में हर सोमवार को बिहार के हर जिले से लोग आते थे और लिखित आवेदन देते थे. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री और सचिव दोनों रहते थे.


इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को अपने काम काज का फीडबैक सीधे जनता से मिलता रहता था. सीएम नीतीश के इस कार्यक्रम की बड़ी सराहना होती थी. लेकिन 2016 से इस कार्यक्रम को बंद कर दिया गया था. लेकिन एक बार फिर जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरआत करने की योजना पर काम किया जा रहा है.