PATNA: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए निलंबित सिपाही आशीष तिवारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। चंपारण रेंज के DIG हरकिशोर राय ने उनके खिलाफ लंबित विभागीय मामलों और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय को बर्खास्तगी की सिफारिश भेजी है। अब इस मामले में अंतिम फैसला पुलिस मुख्यालय को लेना है।


चंपारण रेंज के DIG हरकिशोर राय एक बार फिर अनुशासन और जवाबदेही को लेकर अपने सख्त रुख के कारण चर्चा में हैं। पुलिस महकमे में कानून और विभागीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है। इसी कड़ी में भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में विवादों में आए निलंबित कॉन्स्टेबल आशीष तिवारी के खिलाफ भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है। 


सूत्रों के अनुसार, DIG हरकिशोर राय ने आशीष तिवारी के खिलाफ लंबित विभागीय मामलों, उनके सेवा रिकॉर्ड और हालिया विवादों का आकलन करने के बाद पुलिस मुख्यालय को उन्हें सेवा से बर्खास्त किए जाने की सिफारिश भेजी है।आशीष तिवारी पहले से ही दो गंभीर विभागीय मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2023 में उन पर एक महिला पुलिस अधिकारी पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा था, जबकि वर्ष 2024 में पिपरा थाना में तैनाती के दौरान पुलिस अधिकारियों पर गोली चलाने के मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।


 हाल ही में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दिए गए विवादित बयान के बाद मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आशीष तिवारी का भरत तिवारी से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। पुलिस महकमे के जानकारों का मानना है कि DIG हरकिशोर राय की कार्यशैली यह संदेश देती है कि अनुशासनहीनता या सेवा नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अब इस मामले में अंतिम निर्णय पुलिस मुख्यालय द्वारा लिया जाना है।