Bihar News : रक्षाबंधन से ठीक पहले बिहार की महिलाओं और छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार के इन ऐलानों में अंतरजातीय विवाह करने वाली एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने तक की योजनाएं शामिल हैं। इन घोषणाओं को महिला सशक्तीकरण और बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं और लड़कियों से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसी दौरान उन्होंने सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता और प्रोत्साहन राशि को लेकर जानकारी दी। सबसे बड़ी घोषणा एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं के अंतरजातीय विवाह से जुड़ी रही।
अंतरजातीय विवाह पर 2.5 लाख रुपये की सहायता
सरकार के ऐलान के मुताबिक एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को अंतरजातीय विवाह करने पर 2.5 लाख रुपये की सरकारी सहायता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से ऐसे विवाह करने वाले परिवारों को शुरुआती दौर में मदद मिलेगी। साथ ही समाज में जातिगत भेदभाव कम करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह कदम उपयोगी साबित हो सकता है।
प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को इनाम
मुख्यमंत्री ने छात्राओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा यानी PT पास करने वाली छात्राओं को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि परीक्षा और वर्ग के आधार पर 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक हो सकती है।
इस घोषणा से उन छात्राओं को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। कोचिंग, किताबें, परीक्षा शुल्क और दूसरी शैक्षणिक जरूरतों पर होने वाले खर्च में यह सहायता उपयोगी हो सकती है।
सरकार की इस पहल का मकसद छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी में भी उम्मीदवारों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। ऐसे में प्रोत्साहन राशि छात्राओं के लिए काफी मददगार हो सकती है।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को सरकार का संदेश
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। इसी क्रम में एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान की भी शुरुआत की गई।
महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समस्या को देखते हुए यह अभियान स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सरकार की कोशिश है कि महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों के साथ आगे बढ़ाया जाए।
रक्षाबंधन के मौके पर किए गए इन ऐलानों में एक तरफ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास दिखाई देता है तो दूसरी तरफ छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीति भी नजर आती है। आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ कितनी महिलाओं और छात्राओं तक पहुंचता है, यह इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।