Bihar News: रक्षाबंधन से ठीक पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किश्त जारी की। इसके तहत बिहार की 1 लाख जीविका दीदियों के खातों में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। वहीं, योजना के तहत नए रजिस्ट्रेशन कराने वाली करीब 4 लाख जीविका दीदियों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए हैं। इस तरह कुल 400 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की गई।
इस मौके पर पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ की शुरुआत भी की। अभियान का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, पशुपालन, डेयरी, शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ का दायरा केवल स्वयं सहायता समूहों और जीविका दीदियों तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके तहत महिला उद्यमियों, पशुपालक महिलाओं, डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं, उच्च शिक्षा और शोध कर रही छात्राओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही बेटियों को भी शामिल किया गया है।
विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में अपना कारोबार शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को भी इस अभियान के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें अपने आर्थिक फैसले लेने में अधिक सक्षम बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले 3 वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और डेयरी, 25 लाख को विनिर्माण और 15 लाख महिलाओं को सेवा क्षेत्र से जोड़ने की योजना है।
सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और बिहार के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।