पटना: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए। गांधी मैदान से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, उद्योग, खेल, बिजली, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि बिहार अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और सरकार का लक्ष्य राज्य को निवेश, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं के मामले में नई ऊंचाई पर ले जाना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे बड़ा दावा निजी निवेश को लेकर किया। उन्होंने कहा कि सरकार अगले नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, निवेश बढ़ने से राज्य में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

12 टाउनशिप में इंडस्ट्रियल हब और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में 12 टाउनशिप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इन टाउनशिप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इंडस्ट्रियल हब भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा यहां स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है, ताकि युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि बुडको के माध्यम से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इन नई टाउनशिप को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए और यहां उद्योगों को बढ़ावा देकर आर्थिक गतिविधियों को गति दी जाए।

बिजली पर सरकार का बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री ने बिहार में बढ़ती बिजली खपत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय करीब 9,475 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार करीब एक साल से बिजली पर सब्सिडी दे रही है। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बिहार सरकार उत्तर प्रदेश की तुलना में बिजली पर अधिक सब्सिडी दे रही है। सरकार का जोर आम लोगों को राहत देने के साथ-साथ बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने पर भी है।

शिक्षा में AI और नई यूनिवर्सिटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सबसे आधुनिक तकनीकों में से एक है, इसलिए बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भागलपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर साइंस-कंप्यूटर यूनिवर्सिटी बनाने का काम शुरू किया गया है। वहीं बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान दिलाना है।

15 अगस्त के बाद रेफर सिस्टम पर सख्ती

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद मरीज को रेफर करने के मामले में सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार चाहती है कि जिला अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिले और अनावश्यक रूप से उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बार-बार बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी।

10 करोड़ बिहारियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज की सुविधा पर सरकार का विशेष जोर है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, करीब 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार में 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा है।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के जरिए साफ संकेत दिया कि सरकार विकास को केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं रखना चाहती। उद्योग से निवेश, बिजली से आधारभूत सुविधा, शिक्षा से तकनीकी क्षमता, खेल से युवाओं को अवसर और स्वास्थ्य से बेहतर इलाज—इन सभी क्षेत्रों को जोड़कर बिहार की तस्वीर बदलने का लक्ष्य रखा गया है।

अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर होगी कि 5 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश, 12 नई टाउनशिप और 1 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इन बड़े लक्ष्यों को सरकार जमीन पर कितनी तेजी से उतार पाती है। मुख्यमंत्री के ऐलान ने बिहार के विकास को लेकर एक बड़ा रोडमैप जरूर सामने रख दिया है।